सागर-औचक निरीक्षण पर अतिक्रमण पर निगमायुक्त ने किया 5 हजार का चालान, डोर-टू-डोर कलेक्शन का निरीक्षण
नगर निगम सागर पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री ने निरीक्षण के दौरान सड़क पर भवन निर्माण सामग्री जैसे रेत और गिट्टी का विक्रय करते पाए जाने पर निगमायुक्त ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित व्यक्ति पर मौके पर ही 5 हजार रुपए की चालानी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सार्वजनिक सड़कों पर अतिक्रमण न केवल स्वच्छता को प्रभावित करता है, बल्कि यातायात व्यवस्था में भी बाधा उत्पन्न करता है। ऐसी लापरवाही किसी भी हाल में स्वीकार नहीं की जाएगी। स्वच्छ सर्वेक्षण प्रतियोगिता 2025-26 को लेकर शहर को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाने के उद्देश्य से नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री लगातार विभिन्न वार्डों का निरीक्षण कर रहे हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को निगमायुक्त ने सूबेदार, संतकबीर वार्ड में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन व्यवस्था का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त के साथ क्षेत्रीय पार्षद धर्मेन्द्र खटीक, स्वच्छता निरीक्षक एवं नगर निगम की स्वच्छता टीम मौजूद रही। निगमायुक्त खत्री ने घर-घर जाकर नागरिकों से संवाद किया और उन्हें सूखा एवं गीला कचरा पृथक-पृथक डस्टबिन में देने के लिए जागरूक किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर रैंकिंग के लिए नागरिकों की भागीदारी सबसे अहम है। जब तक कचरा घर से ही अलग नहीं दिया जाएगा, तब तक स्वच्छता के लक्ष्य को पूरी तरह हासिल नहीं किया जा सकता।
निगमायुक्त ने नागरिकों से अपील की कि वे खुले में कचरा एवं सी एंड डी वेस्ट यानी निर्माण मलबा न फेंकें। घरों और दुकानों के आसपास साफ-सफाई बनाए रखें तथा नगर निगम की स्वच्छता टीम का पूरा सहयोग करें। इसके साथ ही उन्होंने ओपन यूरेनेशन की समस्या को समाप्त करने के लिए सभी सार्वजनिक एवं सामुदायिक पेशाबघरों की नियमित और गहन सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। निरीक्षण के दौरान स्वच्छता निरीक्षक विकास गुरु, गंधर्व सिंह सहित सभी सफाई दरोगा, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। निगमायुक्त ने दो टूक कहा कि स्वच्छता केवल निगम की नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है, और इसी सामूहिक प्रयास से सागर को स्वच्छ सर्वेक्षण में नई पहचान दिलाई जाएगी।