जेल की छत पर पहुंचा कैदी, ले जाना पड़ा अस्पताल फिर मिली बुरी खबर
तीन साल से जेल में बंद विचाराधीन कैदी को एक दिन पहले ही उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी, गुरुवार को उसने जेल की छत से छलांग लगा दी जहां अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना छतरपुर जिला जेल से सामने आई है
कैदी की पहचान 22 वर्षीय शंकर प्रजापति के रूप में हुई। वह गढ़ीमलहरा थाना क्षेत्र का रहने वाला था। सजा सुनाए जाने से पहले वह तीन साल से विचाराधीन कैदी था। मिली जानकारी के मुताबिक कैदी जेल की बैरक नम्बर 1 में पीछे बाथरूम की तरफ से छत पर चढ़ा। इसके बाद जेल की महिला सेल तरफ की गैलरी (जहां का फर्स RCC कॉन्क्रीट का बना है) जेल अस्पताल के सामने कूद गया, जहां सिर में गंभीर चोट आने से उसकी जान चली गई। बता दें की साल 2022 में शंकर पर गांव की ही 12 साल की नाबालिग लड़की को भगाकर ले जाने का आरोप लगा था। इस मामले में नाबालिग लड़की के परिजनों की शिकायत पर शंकर के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जिला जेल भेज दिया था।
बुधवार को जिला न्यायालय ने पास्को एक्ट के मामले में शंकर प्रजापति को सजा सुनाई थी। सजा होने से वह बहुत आहत था। जिला जेल के बैरक नंबर चार में उसे रखा गया था। वहीं ऐसी भी जानकारी है कि शंकर को सजा मिलने के बाद नाबालिग लड़की के परिजनों ने उसकी दूसरी शादी गांव के ही राहुल यादव से करा दी थी। लेकिन लड़की के नाबालिग होने के कारण उसके खिलाफ भी गढ़ीमलहरा थाने में पास्को एक्ट के तहत मामला दर्ज हो गया। इस मामले में 7 दिसंबर 2025 को उसे जेल भेज दिया गया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।मामले में छतरपुर ADM मिलिंद नागदेवे ने जानकारी दी।--------