चचेरे भाई ने फिरौती के लिए किया अपहरण, 15 दिन बाद मिला 4 साल के मासूम का शव, हत्या का खुलासा
मध्यप्रदेश के सागर संभाग के पन्ना जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। अमानगंज थाना अंतर्गत जसवंतपुरा गांव में 15 दिनों से लापता 4 वर्षीय मासूम बालक का शव गांव के ही एक खंडहर मकान से बरामद किया गया है। इस सनसनीखेज वारदात में पुलिस जांच के बाद जो सच्चाई सामने आई है, उसने सभी को स्तब्ध कर दिया है।
मासूम का मर्डर किसी और ने नहीं, बल्कि उसके चचेरे भाई ने ही की थी। मृतक बालक की पहचान दुर्गेश उर्फ सौरभ, पिता राजू कोरी, उम्र 4 वर्ष के रूप में हुई है। 9 दिसंबर को दुर्गेश अचानक घर से लापता हो गया था। परिजनों ने पहले अपने स्तर पर बच्चे की तलाश की, खेतों, आसपास के इलाकों और रिश्तेदारों के यहां खोजबीन की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो अमानगंज थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की, लेकिन 15 दिनों तक बच्चे का कोई पता नहीं चल सका। 24 दिसंबर को गांव के पास स्थित एक पुराने खंडहर मकान से बदबू आने पर ग्रामीणों ने अंदर झांककर देखा, जहां मासूम का शव पड़ा मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अमानगंज अस्पताल भेजा गया। मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, पुलिस का शक मृतक के चचेरे भाई पर गहराने लगा। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
परिजन ने बताया कि “नौ तारीख को बच्चा खो गया था, बहुत ढूंढा… खेतों में भी देखा, लेकिन कहीं नहीं मिला।” वंदना चौहान, एडिशनल एसपी, पन्ना ने बताया कि जांच के दौरान मृतक के चचेरे भाई पर संदेह हुआ। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसने फिरौती के इरादे से बच्चे का अपहरण किया था। बच्चे के लगातार रोने पर उसने मुंह दबाया, जिससे उसकी मौत हो गई। आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।” इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर रिश्तों को शर्मसार कर दिया है। मासूम के मर्डर का आरोपी जब अपना ही निकला, तो पूरे गांव में गम और आक्रोश का माहौल है। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।