सरकारी योजनाओं से वंचित ग्रामीण का फूटा गुस्सा, रतलाम में पंचायत कार्यालय को लगाई आग
एमपी के रतलाम जिले से एक चौंकाने वाली और चिंता बढ़ाने वाली घटना सामने आई है, जहां सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलने से परेशान एक ग्रामीण ने आक्रोश में आकर पूरी पंचायत का दफ्तर ही फूंक डाला। यह सनसनीखेज वारदात मांगरोल पंचायत की है, जहां नशे की हालत में एक ग्रामीण ने पेट्रोल छिड़ककर पंचायत कार्यालय में आग लगा दी। इस पूरी घटना का लाइव वीडियो भी सामने आया है, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जानकारी के अनुसार, मांगरोल पंचायत निवासी गोपाल नामक व्यक्ति लंबे समय से प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलने से परेशान था। गुरुवार को वह नशे की हालत में पंचायत कार्यालय पहुंचा और अचानक पेट्रोल निकालकर दफ्तर में आग लगा दी। देखते ही देखते आग की लपटें उठने लगीं, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और साहस दिखाते हुए आग पर काबू पाया। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी गोपाल को मौके पर ही पकड़ लिया और सालाखेड़ी चौकी पुलिस के हवाले कर दिया। गनीमत रही कि समय रहते आग बुझा ली गई, वरना बड़ा नुकसान हो सकता था। पुलिस पूछताछ में आरोपी गोपाल ने बताया कि उसे लगातार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे थे, लेकिन पीएम आवास सहित किसी भी योजना का लाभ नहीं मिला। उसने यह भी बताया कि उसकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब है और उसके नाबालिग बेटे को मजबूरी में हम्माली करनी पड़ रही है। इसी मानसिक तनाव और हताशा में उसने यह खौफनाक कदम उठाया।
गायत्री चौधरी, सरपंच मांगरोल ने बताया कि घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। पंचायत स्तर पर पात्रता के अनुसार काम किया जाता है। फिर भी अगर किसी को शिकायत थी तो बातचीत के जरिए समाधान निकाला जा सकता था। जे.सी. यादव, जांच अधिकारी ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। आगजनी के वीडियो और साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। आरोपी नशे की हालत में था। यह घटना ग्रामीण इलाकों में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और जनसुनवाई की हकीकत को उजागर करती है। जब समय पर समस्याओं का समाधान नहीं होता, तो हताशा गुस्से में बदल जाती है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन यह सवाल जरूर खड़ा होता है कि क्या ऐसी घटनाओं से पहले सिस्टम को जागना नहीं चाहिए?