सांवलिया सेठ से लौटते समय मौत, ट्रक और कार से तीन दोस्तों की मौत
सांवलिया सेठ के दर्शन कर लौट रहे चार दोस्तों की खुशियों भरी यात्रा जान जाने के सफर में बदल गई। मध्यप्रदेश–राजस्थान सीमा पर देर रात हुए भीषण सड़क हादसे में तीन युवकों की मौके पर ही जान चली गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल होकर जिंदगी और जान से जूझ रहा है। हादसे के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। यह दर्दनाक हादसा गुरुवार रात करीब पौने दो बजे एमपी के नीमच के जावद में के नयागांव बैरियर और रेलवे फाटक के पास हुआ।
मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ निवासी चारों दोस्त आई-20 कार से सांवलिया सेठ के दर्शन कर घर लौट रहे थे। तभी तेज रफ्तार कार अचानक अनियंत्रित हुई और आगे चल रहे ट्रक-ट्रॉले में जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक तीन युवकों की सांसें थम चुकी थीं।
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान मल्हारगढ़ निवासी युवा व्यवसायी पिंकेश मांदलिया, उनके साथी भारत मोरी उर्फ डांगी और लसूड़िया कदमाला निवासी गोवर्धन लसूड़िया के रूप में हुई है। वहीं भैंसाखेड़ा निवासी राय सिंह पिता गोरा कछावा गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। हादसे से पहले सांवलिया सेठ मंदिर में ली गई एक सेल्फी अब इन युवाओं की आखिरी याद बन गई है। पिंकेश ने दर्शन के दौरान यह तस्वीर अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर भी लगाई थी, जो अब हर किसी की आंखें नम कर रही है।
पिंकेश मांदलिया अखिल भारतीय पोरवाल युवा संगठन के सक्रिय सदस्य थे। उनके निधन की खबर फैलते ही मल्हारगढ़ नगर में शोक की लहर दौड़ गई। व्यापारिक, सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने गहरा दुख जताया है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और वाहन का संतुलन बिगड़ना हादसे की वजह मानी जा रही है। यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और रात के सफर के खतरों की चेतावनी देता है—जहां एक पल की लापरवाही जिंदगी भर का दर्द दे जाती है।