Sagar - खुरई मंडी में हंगामा, पुराने सोयाबीन की तुलाई को लेकर किसानों और कर्मचारियों में तीखा विवाद
सागर जिले के खुरई कृषि उपज मंडी में उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब भावांतर भुगतान योजना के तहत सोयाबीन की डाक नीलामी के दौरान किसानों और मंडी कर्मचारियों के बीच विवाद हो गया। पुराने सोयाबीन की तुलाई की मांग को लेकर शुरू हुआ यह विवाद देखते ही देखते अभद्र व्यवहार और शासकीय कार्य में बाधा तक पहुंच गया।
दरअसल, खुरई मंडी में भावांतर भुगतान फसल सोयाबीन योजना 2025 के अंतर्गत डाक नीलामी की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान दो किसानों ने पुराने सोयाबीन की तुलाई किए जाने की मांग की। मंडी कर्मचारियों द्वारा नियमों का हवाला देते हुए तुलाई से इनकार किया गया, जिससे किसान नाराज हो गए और मंडी परिसर में तनाव की स्थिति बन गई।
भावांतर योजना के प्रभारी प्रवीण कुमार मौर्य ने बताया कि मंडी बोर्ड द्वारा स्पष्ट आदेश जारी किए गए हैं कि भावांतर योजना के तहत केवल नए सोयाबीन की ही डाक नीलामी मान्य की जाएगी। आदेशों के पालन में दूसरी पाली में शेष रह गए अपात्र किसानों से शपथ पत्र लेकर नीलामी की प्रक्रिया पूरी की जा रही थी।
इसी दौरान किसान अरविंद सिंह, निवासी ग्राम नगदा और देवेंद्र सिंह, निवासी ग्राम बहारपुर ने पुराने सोयाबीन की तुलाई की जिद पकड़ ली। तुलाई से मना करने पर दोनों किसानों ने भावांतर प्रभारी प्रवीण कुमार मौर्य सहित अन्य नीलामी कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया और शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाई।
घटना के बाद मंडी कर्मचारियों में रोष फैल गया। कर्मचारियों ने एकजुट होकर खुरई शहरी थाने पहुंचकर पूरे मामले की लिखित शिकायत दी और दोषी किसानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि नियमों के अनुसार कार्य करने पर भी इस तरह का व्यवहार किया जाएगा, तो मंडी संचालन प्रभावित होगा। फिलहाल पुलिस ने आवेदन के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। यह घटना एक बार फिर सवाल खड़े करती है कि योजनाओं के नियमों की जानकारी के अभाव और जल्दबाजी में कैसे मंडियों में तनाव की स्थिति बन जाती है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और आगे क्या कार्रवाई की जाती है।