सागर-कोतवाली में तैनात आरक्षक की मौत, तीन मासूम बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
सागर से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। एमपी के सागर जिले के सिटी कोतवाली में पदस्थ एक पुलिस आरक्षक ने दमोह स्थित अपने घर में जीवन लीला समाप्त कर ली। इस हृदयविदारक घटना के बाद न केवल पुलिस महकमे में शोक की लहर है, बल्कि एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। तीन मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया। जानकारी के अनुसार मृतक आरक्षक का नाम रूपेश साहू है, जो एमपी कर सागर जिले के सिटी कोतवाली थाना में पदस्थ थे। रविवार सुबह दमोह स्थित अपने निवास पर उन्होंने अज्ञात कारणों के चलते किसी जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। जब उनकी तबीयत अचानक बिगड़ी, तो परिजन उन्हें तत्काल दमोह जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मृतक के चचेरे भाई सजल साहू ने बताया कि घटना रविवार सुबह की है। रूपेश साहू ने घर में ही जहरीला पदार्थ खा लिया था। प्रारंभ में किसी को इसकी जानकारी नहीं हो सकी, लेकिन हालत बिगड़ने पर जब परिजन अस्पताल पहुंचे, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
बताया जा रहा है कि आरक्षक रूपेश साहू की पत्नी नीता साहू दमोह जिला अस्पताल में नर्स के पद पर कार्यरत हैं। दंपती के तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं। अचानक हुई इस घटना से पूरा परिवार सदमे में है। मासूम बच्चों को अभी यह भी अहसास नहीं है कि उनके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ चुका है।
घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। मृतक के पिता बेटे की मौत की खबर सुनते ही बेसुध हो गए। वे बेटे के दोस्तों और रिश्तेदारों से गले लगकर फूट-फूटकर रोते नजर आए। पत्नी, परिजन और परिचितों की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे।
पुलिस के अनुसार इस घटना के पीछे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाई है। न तो कोई नोट मिला है और न ही किसी प्रकार की पूर्व सूचना सामने आई है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और पूरे मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी गई है।
सोमवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल यह घटना कई सवाल छोड़ गई है—एक जिम्मेदार पुलिसकर्मी आखिर किस मानसिक दबाव से गुजर रहा था, यह अब जांच का विषय है।