85 साल पुरानी चिमनी का अंत, विस्फोट से जमींदोज हुई लोटी स्कूल वाली चिमनी
एमपी के उज्जैन में एक संभावित बड़े हादसे को समय रहते टाल दिया गया। माघव नगर रेलवे स्टेशन के सामने लोटी स्कूल परिसर में स्थित करीब 85 वर्ष पुरानी जर्जर चिमनी को आज सुरक्षित तरीके से विस्फोट कर गिरा दिया गया। नगर निगम की इस कार्रवाई से क्षेत्र के रहवासियों ने राहत की सांस ली। दरअसल, लोटी स्कूल परिसर में वर्षों पहले एक फ्लोर मिल संचालित होती थी, जिसकी यह ऊंची चिमनी पहचान बनी हुई थी। समय के साथ यह चिमनी बेहद कमजोर और जर्जर अवस्था में पहुंच चुकी थी। आसपास स्कूल, रेलवे स्टेशन और रिहायशी इलाका होने के कारण किसी भी दिन बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई थी।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम ने चिमनी हटाने का निर्णय लिया। इस पूरे ऑपरेशन की जिम्मेदारी विस्फोटक विशेषज्ञ शरद सरवटे को सौंपी गई। सुबह से ही चिमनी को गिराने की तैयारियां शुरू कर दी गई थीं। सुरक्षा के लिहाज से इलाके को पूरी तरह सील कर दिया गया और शाम के समय नियंत्रित विस्फोट के जरिए चिमनी को जमींदोज किया गया। विस्फोट के दौरान विशेषज्ञों ने इस बात का विशेष ध्यान रखा कि आसपास की इमारतों, स्कूल परिसर और रेलवे ट्रैक को कोई नुकसान न पहुंचे। विस्फोट होते ही चिमनी कुछ ही सेकंड में जमीन पर आ गिरी। मौके पर मौजूद नगर निगम, पुलिस और प्रशासनिक अमला पूरी तरह मुस्तैद नजर आया।
कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में यातायात पूरी तरह बंद रखा गया। पुलिस ने सुरक्षा घेरा बनाकर लोगों को दूर रखा, ताकि किसी प्रकार की जनहानि न हो। विस्फोट के बाद क्षेत्र का निरीक्षण किया गया, जिसमें किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं मिली। स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम के इस कदम की सराहना की। उनका कहना है कि जर्जर चिमनी लंबे समय से खतरा बनी हुई थी और अब इसके हटने से भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका खत्म हो गई है। नगर निगम की इस सतर्क और सुनियोजित कार्रवाई ने यह साबित कर दिया कि समय रहते लिए गए फैसले न सिर्फ जान-माल की सुरक्षा करते हैं, बल्कि प्रशासन की जिम्मेदारी और सजगता को भी दर्शाते हैं।