सागर- चादामंऊ मामले में परिवार को न्याय दिलाने सड़कों पर उतरे हिंदू संगठन, थाना प्रभारी पर आरोप
मध्यप्रदेश के सागर जिले के नरयावली थाना अंतर्गत चादामंऊ अग्निकांड को लेकर जिले में आक्रोश फूट पड़ा है। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल सहित समस्त हिंदू संगठन सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने पीली कोठी क्षेत्र में धरना देते हुए प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और दोषियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की। 26 दिन… दो मासूम बेटों की जान जाने के बाद … और अब तक कोई एफआईआर नहीं। यही सवाल लेकर आज सागर की सड़कों पर हिंदू संगठनों का गुस्सा फूटा।
प्रदर्शन के दौरान पीड़ित परिवार की मां ठाकुर बाई ने नरयावली थाना प्रभारी पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पुलिस ने उनके बयान बदलवाने का दबाव बनाया और अग्निकांड की घटना का समय भी बदल दिया गया। पीड़िता ने इसे न्याय के साथ खुला खिलवाड़ बताया और मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की। मौके पर पहुंचे सागर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लोकेश सिन्हा को हिंदू संगठनों और पीड़ित परिवार ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में नरयावली थाना प्रभारी को तत्काल निलंबित करने, एफआईआर दर्ज करने और दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग की गई।
ठाकुर बाई, पीड़ित की मां ने बताया कि मेरे दो बेटों की जान चली गई है, मेरी बेटी अस्पताल में जिंदगी से लड़ रही है। पुलिस हम पर बयान बदलने का दबाव बना रही है। हमें सिर्फ न्याय चाहिए।” आपको बता दें कि चादामंऊ अग्निकांड 4 दिसंबर की दरम्यानी रात हुआ था। इस हादसे में पीड़ित परिवार के दो बेटों की इलाज के दौरान जान चली गई, जबकि एक बेटी गंभीर रूप से झुलसी हुई है और अस्पताल में भर्ती है। घायल बेटी ने एक विशेष समुदाय के युवक पर घर में आग लगाने का आरोप लगाया है।
घटना के 26 दिन बीत जाने के बावजूद मामला दर्ज न होने से हिंदू संगठनों में भारी नाराजगी है। प्रदर्शन के दौरान पुतला दहन भी किया गया और चेतावनी दी गई कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। एडिशनल एसपी लोकेश सिन्हा ने बताया कि मामले की वैधानिक प्रक्रिया के तहत जांच की जा रही है। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए शीघ्र आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। अब बड़ा सवाल यही है—क्या चादामंऊ अग्निकांड के पीड़ित परिवार को मिलेगा इंसाफ, या फिर 26 दिन की देरी और बढ़ेगी? जिले की जनता की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।