सागर में चाइनीज मांझा पूरी तरह बैन, जिला मजिस्ट्रेट का सख्त आदेश, उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई
पतंगबाजी के दौरान जानलेवा साबित हो रहे चाइनीज मांझे पर सागर प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। जिले में नायलॉन, चीनी एवं कपास से लेपित मांझा, जिसे आम भाषा में चाइनीज मांझा कहा जाता है, उसके निर्माण, भंडारण, विक्रय और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। जिला मजिस्ट्रेट संदीप जी.आर. ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत यह आदेश जारी किया है। पतंग का शौक कहीं जानलेवा न बन जाए… इसी को देखते हुए प्रशासन का बड़ा फैसला।
जिला प्रशासन के अनुसार, पतंग महोत्सव और अन्य अवसरों पर चाइनीज मांझे के इस्तेमाल से मानव जीवन, पशु-पक्षियों और सार्वजनिक सुरक्षा को गंभीर खतरा बना रहता है। आए दिन गले कटने, पक्षियों के घायल होने और दुर्घटनाओं की घटनाएं सामने आती रही हैं। इन्हीं संभावित खतरों को रोकने के उद्देश्य से यह प्रतिबंध लगाया गया है। जारी आदेश के मुताबिक, सागर जिले की समस्त राजस्व सीमा में चाइनीज मांझे का विनिर्माण, भंडारण, बिक्री और उपयोग तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित रहेगा। यह निर्णय जनहित, लोक शांति और कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
जिला मजिस्ट्रेट ने पुलिस अधीक्षक सागर को निर्देशित किया है कि सभी थाना प्रभारियों के माध्यम से बाजारों, दुकानों और संभावित भंडारण स्थलों का नियमित निरीक्षण कराया जाए। वहीं, समस्त अनुविभागीय दंडाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सख्ती से निगरानी रखने और उल्लंघन पाए जाने पर तुरंत कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं। जिला मजिस्ट्रेट संदीप जी.आर. ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति, संस्था या संगठन के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे सुरक्षित धागे का ही उपयोग करें और चाइनीज मांझे की सूचना तत्काल प्रशासन या पुलिस को दें। सागर प्रशासन का यह कदम न सिर्फ सुरक्षा की दिशा में अहम माना जा रहा है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि नियम तोड़ने वालों पर अब किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी।