बरमान घाट जिला पंचायत CEO पर भड़की सियासत, कांग्रेस का अल्टीमेटम, कार्रवाई नहीं तो आंदोलन
एमपी के नरसिंहपुर जिले के बरमान घाट में नर्मदा तट के पवित्र बरमान घाट पर हुआ एक घटनाक्रम अब जिले की राजनीति और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। जिला पंचायत के सीईओ द्वारा एक दुकानदार को थप्पड़ मारने और पुजारी से अभद्र व्यवहार का वीडियो सामने आने के बाद मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। वायरल वीडियो में सीईओ खुले में टॉयलेट करने के मुद्दे पर आपा खोते नजर आ रहे हैं, जिसके बाद उन्होंने एक दुकानदार के साथ कथित रूप से मारपीट की। नर्मदा घाट पर नियम समझाने की जगह थप्पड़… अब सवाल प्रशासन की कार्यशैली पर।
घटना सामने आते ही सबसे पहले पुजारी संगठनों में नाराज़गी फैल गई। उनका कहना है कि बरमान घाट जैसे धार्मिक स्थल पर इस तरह का व्यवहार न सिर्फ अपमानजनक है, बल्कि प्रशासनिक पद की गरिमा के भी खिलाफ है। पुजारियों ने सीईओ की भाषा और रवैये पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। अब इस मामले में राजनीति भी खुलकर सामने आ गई है। कांग्रेस पार्टी ने सोमवार को नरसिंहपुर कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर डिप्टी कलेक्टर के माध्यम से कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस नेताओं ने साफ कहा कि अगर आम नागरिक ऐसा कृत्य करता, तो उसके खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज होती। ऐसे में सवाल है कि एक वरिष्ठ अधिकारी को कानून से ऊपर क्यों माना जाए?
ज्ञापन में कांग्रेस ने मांग की है कि जिला पंचायत सीईओ पर भी वही धाराएं लगाई जाएं जो आम जनता पर लगती हैं। उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो और तत्काल प्रभाव से पद से हटाया जाए, ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके। कांग्रेस पार्टी ने प्रशासन को 5 तारीख तक का अल्टीमेटम दिया है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती, तो जिलेभर में धरना-प्रदर्शन और आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। बरमान घाट थप्पड़कांड अब सिर्फ एक वीडियो तक सीमित नहीं रहा। यह मामला प्रशासनिक जवाबदेही, कानून की समानता और सत्ता के व्यवहार पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि प्रशासन समय रहते कार्रवाई करता है या यह मामला सड़कों तक और गरमाता है।