फूड पॉइजनिंग केस में बड़ी कार्रवाई, खाद्य सुरक्षा अधिकारी सस्पेंड, लापरवाही आई सामने
एमपी के सागर संभाग के छतरपुर जिले के खजुराहो के चर्चित गौतम होटल्स एंड रिसोर्ट्स फूड पॉइजनिंग मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर छतरपुर पार्थ जैसवाल के प्रस्ताव पर सागर संभाग के कमिश्नर अनिल सुचारी ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी वेद प्रकाश चौबे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई प्रथम दृष्टया गंभीर लापरवाही और कर्तव्यों के उल्लंघन के आधार पर की गई है।
गौरतलब है कि 8 दिसंबर को खजुराहो स्थित गौतम होटल में खाना खाने के बाद बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़ गए थे। इस दर्दनाक घटना में अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चला। घटना ने न सिर्फ खजुराहो बल्कि पूरे प्रदेश में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए।
जांच में सामने आया कि खजुराहो जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल पर खाद्य पदार्थों के सैंपलों की संख्या शून्य पाई गई। हैरानी की बात यह रही कि पिछले डेढ़ महीने में खजुराहो में कई शादी समारोह, पर्यटन कार्यक्रम और महत्वपूर्ण बैठकों का आयोजन हुआ, इसके बावजूद खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा एक भी सैंपल नहीं लिया गया। यही लापरवाही अब वेद प्रकाश चौबे पर भारी पड़ गई है।
अवलोकन के बाद अधिकारी को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम और 1966 के नियम-09 के तहत प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया। इसे गंभीर अनियमितता, स्वेच्छाचारिता और अनुशासनहीनता मानते हुए मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम-3 का उल्लंघन माना गया है। कलेक्टर द्वारा 16 दिसंबर 2025 को भेजे गए प्रस्ताव में स्पष्ट किया गया था कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी को खाद्य पदार्थों की जांच के आदेश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई।
इसी आधार पर कमिश्नर ने निलंबन की कार्रवाई को मंजूरी दी। खजुराहो फूड पॉइजनिंग मामला अब प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा उदाहरण बनता जा रहा है। इस कार्रवाई के बाद उम्मीद की जा रही है कि खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया जाएगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। फिलहाल, पीड़ित परिवार न्याय और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।