Sagar-अतिक्रमण कार्रवाई के विरोध में बाजार बंद ! बीना में व्यापारियों का धरना, सियासी हलचल तेज
सागर जिले के बीना शहर में नगर पालिका की अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई के खिलाफ व्यापारियों का गुस्सा मंगलवार को सड़कों पर नजर आया। नगर पालिका का अतिक्रमण दल बड़ी बजरिया पहुंचता, उससे पहले ही व्यापारियों ने अपनी-अपनी दुकानें बंद कर दीं और महावीर चौक पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। अचानक हुए इस बाजार बंद और धरने से क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
धरना प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पूर्व विधायक महेश राय मौके पर पहुंचे और व्यापारियों से चर्चा की। वहीं किसान नेता इंदर सिंह भी व्यापारियों के समर्थन में धरना स्थल पर पहुंचे। व्यापारियों का कहना था कि नगर पालिका बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए लगातार अतिक्रमण के नाम पर कार्रवाई कर रही है, जिससे उनका व्यापार प्रभावित हो रहा है। व्यापारियों ने मांग की कि प्रशासन पहले स्पष्ट नियम बनाए और फिर कार्रवाई करे।
नगर पालिका सीएमओ राहुल कौरव द्वारा शहर में लगातार अतिक्रमण हटाने की मुहिम चलाई जा रही है। मंगलवार को भी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत बड़ी बजरिया में कार्रवाई प्रस्तावित थी। लेकिन व्यापारियों के विरोध के चलते नगर पालिका को कदम पीछे खींचने पड़े और मामला बातचीत तक पहुंच गया।
स्थिति को संभालने के लिए नगर पालिका में एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें व्यापारियों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए। बैठक में सीएमओ राहुल कौरव ने साफ शब्दों में कहा कि व्यापारी अपनी दुकानों के सामने केवल 3 फुट तक का टीन शेड ही लगा सकते हैं। यह टीन शेड केवल धूप और बारिश से बचाव के लिए होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि टीन शेड पर कोई भी सामान टांगा नहीं जाएगा और न ही दुकान का विस्तार सड़क की ओर किया जाएगा।
सीएमओ ने चेतावनी दी कि यदि कोई भी व्यापारी 3 फुट से अधिक टीन शेड लगाएगा या उस पर सामान रखेगा, तो संबंधित व्यापारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं नगर पालिका अध्यक्ष लता सकवार ने कहा कि शहर को व्यवस्थित और अतिक्रमण मुक्त बनाना सभी की जिम्मेदारी है, लेकिन व्यापारियों की समस्याओं को भी समझा जाएगा।
किसान नेता इंदर सिंह ने व्यापारियों का समर्थन करते हुए कहा कि प्रशासन को संवाद के जरिए समाधान निकालना चाहिए, ताकि व्यापार भी चले और शहर की व्यवस्था भी बनी रहे। फिलहाल धरना प्रदर्शन के बाद बाजार में गतिविधियां धीरे-धीरे सामान्य हो गई हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि नगर पालिका और व्यापारियों के बीच बनी सहमति जमीन पर कितनी प्रभावी साबित होती है।