Sagar - पति के बाद पत्नी को बनाया सरपंच, इधर पिता के बाद बेटा को कमान
सागर जिले के सरपंच पद के लिए 3 उपचुनाव हुए जिसके नतीजे सामने आ गई, आपसी रंजिश के चलते देवल सरपंच लाखन यादव की सितंबर में हत्या कर दी गई थी। सरपंच पद के लिए 29 दिसंबर को संपन्न हुए मध्यावधि चुनाव में ग्रामीणों ने उनकी पत्नी के पक्ष में मतदान कर उन्हें सरपंच चुना है। शुक्रवार को तहसील में हुई काउंटिंग में दिवंगत सरपंच की पत्नी ने अपने प्रतिद्वंद्वी को 410 मतों से पराजित किया है। चुनाव परिणाम आने के साथ ही सरपंच के भाई की आंखों से आंसू बहने लगे और उन्होंने अपने भाई का सपना पूरा करने की बात कही।
सुबह 8 बजे से तहसील के सभा कक्ष में प्रत्याशियों एवं उनके एजेंट की उपस्थिति में रिटर्निंग अधिकारी डॉ. अंबर पंथी ने काउंटिंग शुरू कराई। तीन राउंड होने के कारण करीब 9.30 बजे काउंटिंग खत्म हो गई। तीसरे राउंड की काउंटिंग के बाद उन्होंने घोषणा की कि चुनाव में मैदान में सरपंच पद के लिए खड़े प्रत्याशी बेटी बाई यादव को 230, लखन तिवारी 257 और वर्षा यादव को सबसे अधिक 667 मत मिले हैं, जबकि नोटा पर 19 मत पड़े हैं। इस तरह वर्षा यादव ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 410 मत से हरा दिया। घोषणा होते ही तहसील के बाहर इंतजार कर रहे उनके समर्थन उत्साहित नजर आए, जबकि वर्षा यादव की ओर से काउंटिंग में शामिल हुए उनके देवर प्रमोद यादव की आंखों से आंसू बहने लगे। उन्होंने बाहर आकर कहा कि मेरे भाई ने पंचायत में विकास कराया था, लेकिन रंजिश के चलते उनकी हत्या कर दी। जनता ने उनके विकास पर मुहर लगाकर फिर से पंचायत की जिम्मेदारी उनकी भाभी को दी है। उन्होंने कहा कि लोगों ने जिस उम्मीद से जिताया उसी के अनुरूप गांव में विकास कार्य किए जाएंगे।