बने बनाये मकानों को खाली करने का फरमान, क्या गरीबों से छीन ली जाएगी उनकी छत ! |SAGAR TV NEWS|
जैसे तैसे गरीबों को आशियाना मिला, रहने को छत नसीब हुई, सब ठीक ठाक ही चल रहा था कि अचानक से नोटिस मिलते हैं। की प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाये गए मकानों को हटाया जाना है। ये सुनकर तो गरीबों के पैरों तले जमीन ही खिसक गई। और सामने ये संकट खड़ा हो गया कि आखिर अब रहेंगे कहां, जाएंगे कहां।
हम बात कर रहे हैं रायसेन जिले के उदयपुरा के बरेली तहसील की, जहां समनापुर जागीर गांव में एक दो नहीं बल्कि 13 परिवारों को नोटिस थमाए गए हैं। की उनके मकानों को तोड़ा जाना है। क्योंकि यहां उद्योग लगाया जाना है। बड़ी अजीब बात है जब गरीब अपने-अपने मकानों का निर्माण कर रहे थे तब क्या प्रशासन गहरी नींद में सो रहा था।
अब इसे मप्र सरकार की अनदेखी कहें या स्थानीय प्रशासन की लापरवाही जिसका खामियाजा एक दर्जन से ज्यादा परिवारों को उठाना पड़ रहा है। समनापुर जागीर में 13 मकानों को हटाने के नोटिस तहसीलदार बरेली ने दिये हैं। दरअसल उद्योग विभाग को आवंटित इस भूमि से अतिक्रमण के नोटिस पाकर गरीब पशोपेश में है। राजस्व विभाग के मुताबिक उद्योग विभाग यहां उद्योग लगाना चाहता है। जिसने जमीन खाली करवाने बरेली तहसीलदार को आवेदन दिया है। बताया गया कि 2022 - 23 में इन परिवारों को बेदखल किया जा चुका है बावजूद इसके अभी तक मकान खाली नही किये।
सवाल ये है कि जब गरीब प्रधानमंत्री आवास लेकर अपनी खून पसीने की कमाई लगाकर आशियाने तैयार कर रहे थे, इन्हें तब क्यों नहीं रोका गया। या फिर स्वीकृत ही क्यों किये गए। तब यह ध्यान क्यों नहीं दिया गया कि सरकारी जमीन पर योजना का लाभ नहीं दिया जा सकता। जबकि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कई बार मंच से घोषणाएं की थी जो गरीब जहां रह रहा है उसे वहीं जमीन दी जाए, लेकिन वह घोषणा भी इन परिवारों को न्याय नही दिला पा रही है। सरकारी जमीन पर अपने आशियाने बनाकर रह रहे गरीब लोग अब इस जमीन से बेदखल किये जा रहे हैं।
हालांकि 13 परिवार जिला मुख्यालय पर जनसुनवाई में पहुंचे, जहां कलेक्टर ने आश्वासन दिया की उन सभी को नहीं हटाया जाएगा।