सागर- जब नन्हे स्वयंसेवक कदमताल करते हुए निकले सड़कों पर, कला देख हैरान रह गए लोग
सागर के जब नन्हे-नन्हे स्वयंसेवक कदमताल करते हुए सड़कों पर निकले तो एक अलग ही नजारा देखने को मिला। वहीं जब इन बच्चों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया तो लोग देखते रह गए। दरअसल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा सागर नगर में बाल पथ संचालन और शारीरिक प्रकट कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें 7 से 14 साल की उम्र के 153 बाल स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश में हिस्सा लेकर अपनी अनुशासनबद्धता का परिचय दिया।
शहर के पद्माकर स्कूल में कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। जहां नन्हे स्वयंसेवकों ने सामूहिक समता, दंड संचालन और नियुद्ध यानी (निहत्थे युद्ध की कला) का शानदार प्रदर्शन किया। जिसे देखकर वहां मौजूद लोग मंत्रमुग्ध हो गए। इसके बाद पथ संचालन निकाला गया, जो पद्माकर स्कूल से शुरू होकर कटरा, तीन बत्ती और विजय टॉकीज चौराहा होते हुए वापिस स्कूल परिसर में संपन्न हुआ। पथ संचलन के दौरान पूरे मार्ग में नगर वासियों ने पुष्प वर्षा कर बच्चों का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एडवोकेट अभिजीत केसरवानी (सचिव, आर्य कन्या विद्यालय समिति) ने छात्र जीवन में संस्कारों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा की शिक्षा के साथ-साथ नैतिकता और राष्ट्रप्रेम ही श्रेष्ठ व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं।
वहीं मुख्य वक्ता जिला, कार्यवाह बिंदेश प्रजापति ने धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए चार साहिबजादों के सर्वोच्च बलिदान का स्मरण कराया। उन्होंने बच्चों से आग्रह किया कि वह महापुरुषों के जीवन प्रसंगों को पढ़ें और उन्हें अपने आचरण में उतारें। साथ ही जोर देते हुए कहा, की स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है, इसलिए शारीरिक शिक्षा हर बालक के लिए अनिवार्य है।