सागर-दूषित जल पर सख्ती, विधायक शैलेंद्र जैन मैदान में, जलप्रदाय और सीवर व्यवस्था की गहन समीक्षा
सागर-दूषित जल पर सख्ती, विधायक शैलेंद्र जैन मैदान में, जलप्रदाय और सीवर व्यवस्था की गहन समीक्षा
सागर शहर में नागरिकों को शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने सोमवार को सख्त रुख अपनाते हुए जलप्रदाय एवं सीवर व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की। यह समीक्षा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा दूषित जल आपूर्ति की रोकथाम को लेकर दिए गए निर्देशों के परिपालन में की गई। बैठक में महापौर श्रीमती संगीता तिवारी, नगर निगम अध्यक्ष वृंदावन अहिरवार और निगम आयुक्त राजकुमार खत्री विशेष रूप से मौजूद रहे। बैठक में टाटा कंपनी द्वारा संचालित जलप्रदाय सिस्टम और सीवर एजेंसी के कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की गई। विधायक जैन ने सबसे पहले उन सभी स्थानों को चिन्हित करने के निर्देश दिए, जहाँ जल के दूषित होने की संभावना बनी रहती है। उन्होंने साफ कहा कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और चिन्हित बिंदुओं पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई होनी चाहिए।
विधायक ने बताया कि शहर के हैंडपंप और कुओं के पानी की गुणवत्ता की जांच कराई जा रही है और जांच पूरी होने तक इनके उपयोग से नागरिकों को बचने की सलाह दी गई है। साथ ही राजघाट जल स्रोत के पानी की बहुस्तरीय जांच के निर्देश दिए गए—जल संयंत्र, टंकियों और अंतिम उपभोक्ता तक पहुंचने वाले पानी की अलग-अलग जांच होगी। इन सभी रिपोर्टों को सार्वजनिक करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि जनता में विश्वास बना रहे। उन्होंने निर्देशित किया कि हर पानी की टंकी और नल कनेक्शन पॉइंट पर जल गुणवत्ता जांच किट उपलब्ध कराई जाए तथा सभी ओवरहेड टैंकों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही पुरानी और क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों के लीकेज तत्काल ठीक करने के निर्देश दिए गए, ताकि गंदा पानी सप्लाई लाइन में न घुसे।
बैठक के बाद विधायक शैलेंद्र जैन नगर निगम अध्यक्ष के साथ तुलसी नगर वार्ड पहुंचे, जहां उन्होंने मौके पर जल कनेक्शनों की जांच की। सीवर चेंबर में ओवरफ्लो की शिकायत पर अधिकारियों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए गए। विधायक ने स्पष्ट कहा कि जहाँ-जहाँ सीवर और जल लाइन पास-पास हैं, उन्हें अलग किया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की त्रासदी न हो। विधायक जैन ने दो टूक कहा—जनता का स्वास्थ्य सर्वोपरि है, शुद्ध जल से कोई समझौता नहीं होगा।