Sagar - 15 साल पुरानी 103 यात्री बसों के स्थाई परमिट निलंबित किए, 1 महीने का अल्टीमेटम और दिया
सागर की सड़कों पर दौड़ रही 15 साल पुरानी 209 बसों में 103 बसों के स्थाई परमिट निलंबित कर दिए गए है। सागर क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने बस संचालकों को 30 दिन की अंतिम मोहलत दी है, जिसमें वे चाहें तो नई बस ला सकते हैं। उस बस पर ही परमिट नियमित कर दिया जाएगा। इस मोहलत के बाद परमिट निरस्त कर दिए जाएंगे।
निरीक्षण में मिली पुरानी दो-तीन बसों पर कार्रवाई होती रही। मंगलवार को आरटीओ ने 103 पुरानी बसों के परमिट निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए हैं। पुरानी बसों को सड़कों से हटाने में आरटीओ अमला लापरवाही बरत रहा था। जिला परिहवन अधिकारी ने बस ऑपरेटर्स को सिर्फ नोटिस देकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली थी।
लेकिन इसके बाद मीडिया में प्रकाशित हुई खबरों के बाद बाय हरकत में आए निरीक्षण दोबारा शुरू किया, 209 बसों में से 58 बस संचालकों ने निर्देश के पहले ही पुरानी बसें हटाकर नई बसें लगा लीं थीं, लेकिन 151 खटारा बसे जिलेभर में अभी भी सड़कों पर दौड़ रहीं थीं, जो यात्रियों की जान जोखिम में डाल रही थीं। अधिकांश पुरानी बसें ग्रामीण सड़कों पर दौड़ रहीं थीं। कई स्कूलों में भी पुरानी बसें बच्चों लाने ले जाने में इस्तेमाल हो रही थीं। इससे प्रदूषण का खतरा भी ज्यादा था।
बसों में चढ़ने व उतरने के दो दरवाजे हों, चार इमरजेंसी एक्जिट होना आवश्यक है। एक इमरजेंसी एक्जिट ड्राइवर साइड में पीछे की ओर, एक इमरजेंसी एक्जिट सबसे पीछे या बीचोबीच और दो इमरजेंसी एक्जिट वाहन की छत पर आगे और पीछे की ओर हों। प्रत्येक इमरजेंसी गेट 58 से 90 सेंटीमीटर का हो। अग्नि सुरक्षा के लिए 10 किग्रा के 4 अग्निशमन यंत्र बस में होगें, जो आगे, मध्य व पीछे की ओर रखे गए हों। ड्राइवर पार्टीशन डोर किसी भी वाहन में नहीं होंगे। किसी भी स्लीपर सीट पर स्लाइडर नहीं होने चाहिए। आसानी से खुलने वाले पर्दे हों।