भागीरथपुरा घटनाक्रम पर सुदर्शन में ढाई घंटे चली बैठक, महापौर–कलेक्टर बिना बयान के रवाना
इंदौर शहर के बहुचर्चित भागीरथपुरा घटनाक्रम को लेकर इंदौर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यालय ‘सुदर्शन’ में बुधवार को एक हाई लेवल बैठक आयोजित की गई। सूत्रों के मुताबिक यह बैठक करीब ढाई घंटे तक चली, जिसमें घटनाक्रम के हर पहलू पर गहन मंथन किया गया। बैठक की संवेदनशीलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव और कलेक्टर शिवम वर्मा को विशेष रूप से तलब किया गया था।
जानकारी के अनुसार, बैठक की शुरुआत दोपहर के समय हुई और करीब डेढ़ घंटे तक लगातार चर्चा चलती रही। इसके बाद भी मंथन का दौर जारी रहा और कुल मिलाकर लगभग ढाई घंटे तक संघ कार्यालय में बैठकों का सिलसिला चलता रहा। बताया जा रहा है कि बैठक में भागीरथपुरा में हुई हालिया घटनाओं, प्रशासनिक कार्रवाई और भविष्य की रणनीति को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
सूत्रों का कहना है कि संघ के कई वरिष्ठ पदाधिकारी इस बैठक में मौजूद रहे और उन्होंने प्रशासन से पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी ली। बैठक के दौरान हालात को नियंत्रित करने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ। बैठक के दौरान एक दिलचस्प दृश्य तब देखने को मिला, जब महापौर पुष्यमित्र भार्गव का शासकीय वाहन संघ कार्यालय से बाहर निकलता हुआ नजर आया, जबकि महापौर स्वयं कुछ समय बाद अंदर ही मौजूद रहे। इससे यह संकेत मिला कि बैठक को अत्यंत गोपनीय रखा गया है और इसमें लिए गए बिंदुओं को लेकर कोई जल्दबाजी में सार्वजनिक बयान नहीं दिया जाएगा।
बैठक समाप्त होने के बाद महापौर पुष्यमित्र भार्गव और कलेक्टर शिवम वर्मा संघ कार्यालय से रवाना हुए, लेकिन दोनों ने ही मीडिया से किसी भी तरह की चर्चा करने से इनकार कर दिया। उनके इस रवैये ने बैठक को लेकर अटकलों को और तेज कर दिया है। राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि भागीरथपुरा घटनाक्रम के बाद यह बैठक न केवल वर्तमान हालात की समीक्षा के लिए थी, बल्कि आने वाले दिनों में प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर लिए जाने वाले फैसलों की दिशा भी तय कर सकती है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि इस हाई लेवल मंथन के बाद ज़मीनी स्तर पर क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।