दूषित पानी का सच उजागर, कांग्रेस की सैंपलिंग से निगम के दावे फेल
इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से गई जानों के बाद पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। यह हादसा सिर्फ इंदौर तक सीमित नहीं, बल्कि अब एमपी के जबलपुर में भी पेयजल की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि शहर के कई इलाकों में पेयजल पाइपलाइन नालों और गंदे पानी के बीच से गुजर रही है, जिससे आम नागरिकों की सेहत पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। शाम को पॉश इलाके नेपियर टाउन में दूषित और सिल्ट युक्त पानी आने की शिकायत पर जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष सौरभ नाटी शर्मा बुजुर्ग नागरिक राजेंद्र बेनियन के घर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। नलों से निकला गंदा पानी देखकर मौके पर मौजूद लोग भी हैरान रह गए।
राजेंद्र बेनियन ने बताया कि नगर निगम द्वारा सप्लाई किया जा रहा पानी पिछले डेढ़ साल से दूषित आ रहा है। कई बार शिकायत के बाद प्लंबर तो भेजे गए, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। दूषित पानी पीने के कारण वे बीमार भी पड़े, जिसके बाद मजबूरी में उन्हें आरओ मिनरल वाटर खरीदकर इस्तेमाल करना पड़ रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष सौरभ नाटी शर्मा ने निगम प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जबलपुर की जनता को झूठा भरोसा दिया जा रहा है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि नगर निगम आयुक्त खुद राजेंद्र के घर आकर वही पानी पीकर दिखाएं, जो यहां सप्लाई हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि शहर में 1.5 से 2 किलोमीटर तक पाइपलाइन नालों के बीच से गुजर रही है, जिससे पानी में घातक बैक्टीरिया मिल रहे हैं।
सौरभ शर्मा ने चौंकाने वाले आंकड़े पेश करते हुए बताया कि पूर्व में कराई गई 500 पानी की जांच में 450 सैंपल फेल पाए गए। पानी में ई-कोलाई बैक्टीरिया मिला और जहां क्वालीफॉर्म शून्य होना चाहिए, वहां 200 से 250 तक दर्ज किया गया। कांग्रेस द्वारा हर वार्ड में H2S किट से सैंपलिंग की जा रही है। कांग्रेस ने दावा किया कि महापौर के ही वार्ड में लिए गए सैंपल 12 घंटे में काले पड़ गए, जो दूषित पानी का बड़ा सबूत है। इस पर कांग्रेस ने कहा कि महापौर जिस दिन, जिस जगह और जिस लैब में कहें, वे संयुक्त सैंपलिंग को तैयार हैं। जबलपुर मेयर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने कहा कि शहर में कहीं भी नागरिकों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। प्रमाणित और ऑथेंटिक लैब रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, नगर निगम और प्रशासन मिलकर इस समस्या से निपटेंगे, ताकि जनता की सेहत से कोई समझौता न हो।