सागर- डायल 112 ने 100 किलोमीटर दूर जाकर यात्री को मिला खोया बैग, समय पर मदद से टली बड़ी परेशानी
सागर- डायल 112 ने 100 किलोमीटर दूर जाकर यात्री को मिला खोया बैग, समय पर मदद से टली बड़ी परेशानी
सागर जिले की डायल 112 सेवा ने एक बार फिर अपनी तत्परता, संवेदनशीलता और मानवीय पुलिसिंग का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हुए एक असहाय यात्री की बड़ी समस्या का समय रहते समाधान किया। यह घटना न केवल पुलिस की कार्यकुशलता को दर्शाती है, बल्कि आमजन के प्रति उसके मानवीय दृष्टिकोण को भी उजागर करती है। प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रशांत कुमार सेन, निवासी प्रयागराज, बस द्वारा इंदौर की यात्रा कर रहे थे। आज सुबह करीब 5 बजे उनकी बस सागर जिले के राहतगढ़ कस्बे में भोपाल रोड स्थित एक ढाबे पर रुकी। इस दौरान प्रशांत आवश्यक कार्य से बस से नीचे उतरे, लेकिन दुर्भाग्यवश बस चालक व कंडक्टर ने उन्हें दोबारा चढ़ने का अवसर दिए बिना ही बस को आगे रवाना कर दिया। अचानक अनजान स्थान पर छूट जाने से प्रशांत बेहद घबरा गए।
बस के अंदर उनका बैग रह गया था, जिसमें उनके जरूरी व्यक्तिगत दस्तावेज रखे हुए थे। आगे की यात्रा के लिए उनके पास पैसे भी नहीं थे। पूरी तरह परेशान प्रशांत ने तत्काल डायल 112 पर कॉल कर सहायता मांगी। राज्य स्तरीय डायल 112 कंट्रोल रूम भोपाल से इवेंट क्रमांक 26010193926 के तहत सूचना मिलते ही सागर डायल 112 कंट्रोल रूम सक्रिय हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी डायल 112 उप निरीक्षक आर.के.एस. चौहान ने तुरंत कार्रवाई करते हुए प्रशांत से बस का विवरण प्राप्त किया और बस कंडक्टर से संपर्क कर सांची स्थित ढाबे पर बस को रुकवाया। इसी बीच राहतगढ़ डायल 112 टीम की मदद से प्रशांत को दूसरे वाहन के माध्यम से लगभग 100 किलोमीटर दूर सांची तक सुरक्षित पहुंचाने की व्यवस्था की गई।
राहतगढ़ डायल 112 एफआरवी में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक हरनारायण दुबे एवं पायलट अभिषेक पाल की सक्रिय भूमिका से प्रशांत सांची पहुंचे, जहां उन्हें वही बस मिली और उनका बैग पूरी तरह सुरक्षित अवस्था में वापस मिला। अपना बैग और दस्तावेज पाकर प्रशांत कुमार सेन ने डायल 112 सेवा, सागर पुलिस और पूरी टीम की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए आभार व्यक्त किया। यह घटना साबित करती है कि डायल 112 केवल आपात सेवा नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के लिए एक भरोसेमंद संबल है। सागर पुलिस आमजन की सेवा और सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर है।