अधीक्षक को जूता मा-रने वाली बात पर कलेक्टर का यू टर्न, वीडियो जारी कर मांगी माफी
अधीक्षक को जूता मा-रने वाली बात पर कलेक्टर का यू टर्न, वीडियो जारी कर मांगी माफी
कलेक्टर प्रशासनिक अमले के साथ एक हॉस्टल में निरीक्षण करने पहुंच गए। वहां पर वह जानकारी ले रहे थे की उन्हें मालूम हुआ कि हॉस्टल में बच्चे नहीं है। जिससे उनका पारा गरम हो गया और हॉस्टल अधीक्षक को जूते मारने की बात करने लगे। जिसका वीडियो जबरदस्त तरीके से वायरल हुआ। और लोगों ने इसे गलत ठहराया क्योंकि इतने बड़े पद पर आसीन IAS जैसे अधिकारी का यह बोलना सही नहीं है।
वहीं वीडियो वायरल होने पर जब कलेक्टर की किरकिरी हुई तो उन्होंने अब सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। और खेद प्रकट करते हुए एक वीडियो भी जारी किया है। दरअसल ये पूरा मामला एमपी के विदिशा जिले के गंज बासौदा का है। जहां विदिशा कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने अपना आपा खोते हुए अधीक्षक से जूता मारने की बात कही थी।
अब वीडियो जारी करते हुए बोले कि लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। जिसके तहत वह प्रशासनिक टीम के साथ में उदयपुर के हॉस्टल पहुंचे थे, जहां पहली से लेकर पांचवीं तक के जनजातीय बच्चे रहते हैं और पढ़ते भी हैं। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि अधीक्षक वहां पर नियमित रूप से निवास नहीं करते हैं। और बच्चे भी वहां पर नहीं थे जिसको लेकर हॉस्टल अधीक्षक और कर्मचारियों को हिदायत दी गयी, इस दौरान ऐसे शब्दों का प्रयोग किया गया जो उन्हें नहीं करना था जिस पर उन्होंने खेद व्यक्त किया है।
जानकारी के मुताबिक कलेक्टर अंशुल गुप्ता बीते दिन विदिशा जिले के गंजबासौदा क्षेत्र के उदयपुर स्थित हॉस्टल का निरीक्षण करने पहुंचे थे। जहां शीत लहर के कारण जिले में कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों की छुट्टियां चल रही हैं। इस कारण उन्हें हॉस्टल में बच्चे नहीं मिले, जानकारी लेने के दौरान कलेक्टर हॉस्टल अधीक्षक पर भड़क उठे और उन्हें जूते से मारने की बात कही। जिसके बाद यह मामला काफी तूल पकड़ रहा था।