सिस्टम की नाकामी की तस्वीर- न्याय न मिलने से परेशान व्यक्ति चढ़ा डीपी पर
तस्वीरों में नज़र आ रहा व्यक्ति बिजली विभाग का कोई कर्मचारी नहीं है न ही ये बिजली का कोई करने के लिए डीपी के पास जाकर बैठा हुआ है, बल्कि ये तो सिस्टम की नाकामी है कि एक बुजुर्ग इंसान को इतनी मुसीबत भरा कदम उठाना पड़ा की अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ी, व्यक्ति इसलिए डीपी पर चढ़ा था क्योंकि उसे न्याय नहीं मिल रहा था, और दर-दर भटकने के बाद भी जब उसे कोई तरीका नहीं सूझा तो वह डीपी पर चढ़कर न्याय की मांग करने लगा। हैरान करने वाली ये तस्वीरें एमपी के शिवपुरी जिले से सामने आई हैं। जहां एक व्यक्ति कलेक्ट्रेट के सामने स्थित डीपी पर चढ़ गया। उसे किसी तरह समझा बुझाकर आश्वासन देकर नीचे उतारा गया।
जानकारी के मुताबिक गढ़ी बडौद निवासी नवाब सिंह कुशवाहा 5 महीने से जमीन के काम को लेकर परेशान था। जब उसकी सुनवाई नहीं हुई तो वह कलेक्ट्रेट के सामने लगी डीपी पर चढ़ गया। इसके बाद आनन-फानन में अधिकारी मौके पर पहुंचे। साथ ही पुलिस भी पहुंची। बुजुर्ग से बात की गई, उन्हें समझाया गया। लेकिन वह मानने को तैयार नहीं थे, करीब आधे घन्टे तक ये वाक्या चलता रहा, किसी तरह नबाव कुशवाहा को भरोसा देते हुए आश्वासन दिया गया। तब कहीं वह डीपी से नीचे उतरे।
इस तरह से डीपी पर चढ़ना कितना खतरनाक साबित हो सकता था इस बात का अंदाज़ा लगाना शायद मुमकिन नहीं है। क्योंकि डीपी में करंट आ सकता है यही नहीं जिस एंगल पर वह बैठे हुए हैं उस पर भी करंट की संभावना रहती है। पास ही हाईटेंशन 11 kv के जंफर भी लगे हुए हैं। ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि सिस्टम की लापरवाही एक जान जाने का कारण भी बन सकती थी।
एक तरफ जहां प्रदेश सरकार तमाम तरह के दावे करती है, जनसुनवाई जैसे कार्यक्रम चलाकर लोगों की शिकायतों के निराकरण की बात होती है। वहीं धरातल पर लोगों के काम न होने और सरकारी कार्यालय के चक्कर काटने के बाद लोग अब कंही टावर पर तो कभी डीपी पर चढ़कर अपनी व्यथा प्रशासन को सुनने को मजबूर हो रहे हैं।