पानी का सैलाब, 10 नंबर मार्केट के पास फूटी पाइपलाइन, सड़क बनी दरिया; ट्रैफिक जाम जनजीवन अस्त-व्यस्त
मध्यप्रदेश के राजधानी भोपाल में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब 10 नंबर मार्केट के पास नगर निगम की नर्मदा जल आपूर्ति की मुख्य पाइपलाइन अचानक फूट गई। तेज प्रेशर के साथ पानी का फव्वारा कई फीट ऊपर तक उठता नजर आया और कुछ ही मिनटों में पूरी सड़क पानी से लबालब हो गई। देखते ही देखते सड़क दरिया में तब्दील हो गई, जिससे वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई और लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पाइपलाइन फूटते ही हजारों नहीं बल्कि लाखों लीटर पानी सड़कों पर बह गया। पानी का तेज बहाव इतना अधिक था कि कई दोपहिया और चारपहिया वाहन बीच रास्ते में ही फंस गए। राहगीरों को मजबूरी में पानी के बीच से गुजरना पड़ा, वहीं दुकानों के सामने पानी भरने से व्यापारियों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा।
स्थानीय लोगों ने नगर निगम पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए। उनका कहना है कि जिस स्थान पर पाइपलाइन फूटी, वहां पहले से निर्माण कार्य चल रहा था और बार-बार चेतावनी के बावजूद लाइन की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद नगर निगम का अमला करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुंचा, तब तक बहुमूल्य पेयजल सड़कों पर बह चुका था। करीब एक घंटे तक पानी यूं ही बहता रहा, जिससे 10 नंबर से 11 नंबर मार्केट, अरेरा कॉलोनी और आसपास के इलाकों में आवागमन बुरी तरह प्रभावित रहा। नर्मदा लाइन फूटने के कारण सड़क तालाब जैसी नजर आने लगी। जब पानी का प्रेशर धीरे-धीरे कम हुआ, तब जाकर वाहन चालकों और राहगीरों ने राहत की सांस ली।
नगर निगम की टीम के मौके पर पहुंचने के बाद पाइपलाइन सुधार कार्य शुरू किया गया। अधिकारियों ने बताया कि लाइन की मरम्मत के बाद पानी की सप्लाई को धीरे-धीरे सामान्य किया जाएगा। हालांकि, इस दौरान लोगों में पानी की भारी बर्बादी को लेकर गहरी नाराजगी देखी गई। गौरतलब है कि 10 नंबर, 11 नंबर मार्केट और अरेरा कॉलोनी जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में नर्मदा जल परियोजना से पानी की सप्लाई की जाती है। ऐसे में इस तरह की घटना ने नगर निगम की रखरखाव व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि पाइपलाइनों की नियमित जांच हो और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।