नन्हे बच्चों और खाकी ने पेश की मिसाल, ट्रेन में बैठ चुकी महिला को लौटाया जेवर और नगदी भरा बैग
एक महिला जिसका सोने चांदी के जेवरात और नगदी रखा हुआ एक बैग ऑटो से गिर गया, काफी ढूंढा लेकिन पता नहीं चला, उदासी के साथ वह ट्रैन में भी बैठ गयी, टैब उनके मोबाइल पर फोन पहुंचा और उन्हें बताया कि आपका खोया हुआ बैग मिल गया। तो मानो जैसे महिला की जान में जान आ गई।
उज्जैन जिले से सामने आए इस मामले में न सिर्फ खाकी की मिसाल देखने मिली, बल्कि उन मासूम बच्चों की भी जिन्हें ये बैग पड़ा हुआ मिला और वो इसे लेकर पुलिस थाने पहुंचे।
उज्जैन पुलिस और शहर के जागरूक बच्चों ने मिलकर ईमानदारी की एक ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी चारों ओर सराहना हो रही है। दरअसल कोट मोहल्ला क्षेत्र में आठ-दस साल के दो बच्चों को एक लावारिस बैग पड़ा मिला। मासूमों ने गजब की ईमानदारी दिखाते हुए वहीं मौजूद एक ई-रिक्शा चालक के साथ तुरंत हरी फाटक स्थित पुलिस चौकी पहुँचकर बैग पुलिस के सुपुर्द कर दिया। बैग की तलाशी लेने पर उसमें सोने की चेन, लॉकेट, कान के टॉप्स, चांदी की पायल, आधार कार्ड और करीब 4500 रुपए की नकदी मिली। दस्तावेजों के आधार पर पुलिस ने पड़ताल की तो पता चला कि यह बैग नीलोफर पति जैद हुसैन निवासी शुजालपुर का है। जो उज्जैन अपने मायके गमी में शामिल होने आई थीं। वापस लौटते समय ई-रिक्शा से उनका बैग गिर गया था, और वे बदहवास हालत में रेलवे स्टेशन पहुँचकर ट्रेन में भी बैठ चुकी थीं। पुलिस का फोन आते ही वे वापस लौटीं और अपना कीमती सामान सुरक्षित पाकर पुलिस और बच्चों का आभार माना। इस मानवीय कार्य में एएसआई भागीरथ, प्रधान आरक्षक मनोज सिंह, पुलिस मित्र मिलन सोनी और संजय की प्रमुख भूमिका रही।
वहीं एसपी प्रदीप शर्मा ने छोटे बच्चों की ईमानदारी की सराहना की और पुलिस टीम के चारों सदस्यों को 500-500 रुपए इनाम देने की घोषणा करते हुए बच्चों को भी प्रोत्साहित करने की बात कही।