सागर की दो पंचायतों में शराबबंदी, सड़कों पर उतर आया पूरा गांव
न शराब पीयेंगे न ही किसी को शराब पीने देंगे, जी हाँ इन दिनों गाँव-गाँव में यही बात गूंज रही है। यही एक गूंज सुनाई दे रही है। इसी तरह जब सागर के रहली इलाके में छोटे-छोटे बच्चे, युवा, पुरुष और यहां तक की महिलाएं सड़कों पर निकली तो नज़ारा ही बदल गया। सभी इस बात का सन्देश दे रहे थे की गांव में अब पूरी तरह से शराबबंदी हो गयी है। न कोई शराब पीयेगा न ही किसी को पीने दी जाएगी।
किसी भव्य रैली जैसी नज़र आने वाली ये तस्वीरें सागर के रहली इलाके की हैं। जहाँ दो पंचायत में शराबबंदी लागू कर दी है। समनापुर और खिरिया गांव में भगवती मानव कल्याण संगठन के प्रयासों से शराबबंदी कर दी गयी है। कार्यकर्ताओं ही नहीं बल्कि पूरे गांव ने इस फैसले का स्वागत किया। लोग अपने अपने घरों से निकले और सड़कों पर आकर जुलूस में शामिल हुए। बच्चों और युवाओं के हाथों में तख्तियां थी जिन पर सन्देश लिखे हुए थे। जिनमें "मानवता कर रही पुकार नशा मुक्त हो हर परिवार" और "गुरुवार जी का यह सन्देश नशा मुक्त हो सारा देश" जैसे सन्देश लिखे हुए थे। इसके अलावा महिलाओं ने इस नशा मुक्ति पदयात्रा में शामिल होकर लोगों को नशा मुक्त, मांसाहार मुक्त और शराब मुक्त बनाए जाने को लेकर आग्रह किया।
पंचायत के प्रमुख और बुद्धजीवी वर्ग ने भी इसमें अपनी सहभागिता निभाई। छोटे-छोटे बच्चे गांव में पूर्ण रूप से शराबबंदी लागू करने की मुहिम को लेकर आगे आए। देखा जाये तो भगवती मानव कल्याण संगठन लगातार ही नशामुक्ति की तरफ आगे बढ़ रहा है। इससे पहले भी इसी तरह का नज़ारा देखने को मिला था। जहाँ गांव में पूरी तरह शराबबंदी लागू की गयी थी।