Sagar - बाबा महाकाल का सच्चा भक्त, दंडवत निकला महाकाल के दर्शन करने
बाबा महाकाल का एक दीवाना जो महाकाल की दीवानगी लिए दंडवत करते हुए उज्जैन जा रहा है। उसकी अनूठी भक्ति को देखकर हर कोई हैरान रह जाता है। ऐसा ही नजारा सागर जिले के राहतगढ़ क्षेत्र के खुरई तिराहे से भी सामने आया, जहाँ पर एक युवा, महाकाल का दीवाना दंडवत करते हुए उज्जैन जाता दिखाई दिया। जो अपने दो साथियों के साथ महाकाल की नगरी उज्जैन दण्डवत करते हुए जा रहा है।
इस युवक का नाम राम उपाध्याय है। जो सागर के बड़ा बाजार का निवासी है। जिसके साथ उसके दो दोस्त शिवांक दुबे और अन्नू जाट हैं। ये लोग बीते एक जनवरी को सागर के धनेश्वर मंदिर बड़ा बाजार से अपनी यात्रा शुरू करते हुए निकले हैं। जिसमें राम उपाध्याय दंडवत प्रणाम करते हुए चलते।हैं। जबकि बाकी दो साथी अपनी जरूरतों का सामान लेकर चल रहे हैं। बस इनका एक ही लक्ष्य है उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन करना।
दंडवत यात्रा करने वाले राम उपाध्यय ने बताया की लगभग 380 किलोमीटर की दूरी 3 महीने में पूरी होगी। वह हर रोज 5 से 6 किलोमीटर की यात्रा तय करता है।
कहते हैं की भक्तों की भक्ति की कोई सीमा नहीं होती, कोई अपना सर्वस्व लुटाकर भक्ति में लीन हो जाता है तो कोई ऐसा कुछ करते हैं जो हमेशा यादगार बन जाता है। इसी तरह का भक्त यह भी है।
देखा जाए तो भक्त अपने-अपने हिसाब से भगवान की भक्ति करते हैं। सभी अपने हिसाब से भगवान को खुश करते हैं। वहीं राम उपाध्याय के मन मे भी ऐसी भक्ति जागी की उसने इस तरह भगवान के दर्शन करने का ठान लिया और दंडवत ही निकल पड़ा।