जंगल में आग बुझाने टीम के साथ गया था वन रक्षक,सभी लौट आये लेकिन वनरक्षक नहीं लौट पाए !
जंगल में आग बुझाने टीम के साथ गया था वन रक्षक,सभी लौट आये लेकिन वनरक्षक नहीं लौट पाए !
जंगल में वनरक्षक की डेड बॉडी आग में झुलसी मिलने के बाद सनसनी फैल गई। वन विभाग के अधिकारी जहां इसे हादसा बता रहे हैं वहीं परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए मर्डर की आशंका जाहिर की है। घटना दमोह जिले के वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व की झापन रेंज से सामने आई। मामले में वन विभाग के अधिकारियों का कहना है की जंगल में आग लग गई थी जिसे बुझाने वनकर्मी गया था। जहां आग में झुलसने से उसकी जान गई।
बताया जा रहा है कि वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व का क्षेत्र तीन जिलों में फैला है इसकी दो रेंज सर्रा और झापन दमोह जिले में आती है झापन रेंज में जिस जगह यह घटना हुई है वह जमुनझिरी का ऊपर पार नामक इलाका है जो तेजगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत आता है बीती दरम्यानी रात झापन रेंज में जंगल में आग लगने की सूचना मिलने पर रेंजर नितेश दाहिया वन विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे। साथ में दमोह शहर की जटाशंकर कॉलोनी निवासी 62 साल के वनरक्षक सुंदरलाल जैन भी शामिल थे। रेंजर नितेश दाहिया के मुताबिक कर्मचारी आग बुझाने में जुटे हुए थे। जबकि सुंदरलाल जैन पीछे-पीछे चल रहे थे। इसी दौरान वह अचानक आग की चपेट में आ गए। और ये घटना हुई।
हालांकि उनकी जान किन परिस्थितियों में गयी, इसका कारण अभी सामने नहीं आया है। परिजन इसे संदिग्ध बताते हुए अनहोनी की आशंका जता रहे हैं। वहीं सूचना मिलते ही तेजगढ़ थाने की चौकी इमलिया पुलिस मौके पर पहुंची। डेड बॉडी को पीएम के लिए अस्पताल भेजा था। लेकिन परिजनों के आशंका जाहिर करने पर बॉडी सागर पीएम के लिए भेजी। जहां फॉरेंसिक टीम की मौजूदगी में जांच कर पीएम कराया जाएगा। आरोप है की उनके सिर में चोट है।
मामले में रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के एसडीओ बीपी तिवारी ने बताया की बॉडी को पीएम के लिए सागर भेजा जा रहा है। दमोह में डॉक्टर ने कहा की सिर में एक घाव है। जिससे सागर में पीएम किया जाएगा। जहां फॉरेंसिक टीम की मौजूदगी भी रहेगी। जिसके बाद खुलासा हो सकेगा