रिटायर्ड अधिकारी से 1 करोड़ 12 लाख की ठगी, 31 दिन रखा डिजिटल अरेस्ट
रिटायर्ड अधिकारी से 1 करोड़ 12 लाख की ठगी, 31 दिन रखा डिजिटल अरेस्ट
साइबर फ़्रॉड तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। इसी तरह एक सनसनीखेज मामले में रिटायर्ड रजिस्ट्रार को निशाना बनाते हुए साइबर ठगों ने उन्हें डिजिटल अरेस्ट कर 1 करोड़ 12 लाख रुपये ठग लिए, CBI अफसर बनकर ठगों ने इस पूरी वारदात को अंजाम दिया।
एमपी के ग्वालियर शहर से साइबर ठगी का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। बताया जा रहा है की ठगों ने रिटायर्ड रजिस्ट्रार बिहारी लाल गुप्ता को खुद को CBI अधिकारी बताकर डिजिटल अरेस्ट में रखा और 31 दिनों में उनसे करीब 1 करोड़ 12 लाख रुपए ठग लिए। जिसके बाद पीड़ित अधिकारी ने क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई। जिस पर बाद पुलिस ने जांच शुरु कर दी है।
बताया जा रहा है की बीते साल 16 नवंबर को बिहारी लाल गुप्ता के वॉट्सऐप पर एक कॉल आया। जिसने खुद को CBI अधिकारी बताते हुए उनके खिलाफ कथित जांच का हवाला दिया और डर दिखाकर उन्हें डिजिटल अरेस्ट कर लिया। इसके बाद 16 नवंबर से 17 दिसंबर तक यानी पूरे 31 दिन ठग लगातार मानसिक दबाव बनाते रहे। इस दौरान ठगों ने अलग-अलग खातों में 1 करोड़ 12 लाख रुपए भी ट्रांसफर करवा लिए। ठगी का अहसास होने पर रिटायर्ड अफसर ने मामले की शिकायत की। और ग्वालियर क्राइम ब्रांच से संपर्क किया। जिस पर टीम ने शिकायत के आधार पर बीते 11 जनवरी को मामला दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक ठगों ने डिजिटल अरेस्ट और फर्जी जांच का डर दिखाकर इस वारदात को अंजाम दिया।
मामले में साइबर टीम बैंक खातों और कॉल डिटेल्स की जांच कर रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी सरकारी एजेंसी के नाम पर आने वाले कॉल या वॉट्सऐप संदेशों पर भरोसा न करें और संदिग्ध मामलों की तुरंत शिकायत करें। सावधान रहें सतर्क रहें।--------