पेयजल, सफाई और बढ़े हुए जल कर को लेकर कांग्रेस का हल्ला बोल, बैरिकेट लांघकर किया प्र-दर्शन
पेयजल, सफाई और बढ़े हुए जल कर को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। यही नहीं नगर पालिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्यकर्ता पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेटों को तक लांघ गए और नारेबाजी कर जोरदार प्रदर्शन किया।
बता दें की एमपी के हरदा में कांग्रेस ने नगर की कई समस्याओं को लेकर नगर पालिका का घेराव किया। कांग्रेसियों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए पेयजल, सफाई और बढ़े हुए जल-कर को लेकर नगर पालिका पर गंभीर आरोप लगाए। प्रदर्शन से पहले खेड़ीपुरा चौक स्थित संत रविदास चौक पर कांग्रेस ने आम सभा का आयोजन किया।
इसके बाद स्वच्छता से जुड़े बैनर हाथों में लेकर रैली के रूप में कांग्रेस के विधायक, जिला अध्यक्ष समेत कांग्रेस कार्यकर्ता नगर पालिका कार्यालय पहुंचे। नगर पालिका के बाहर पुलिस ने तीन लेयर में बैरिकेटिंग की थी, लेकिन आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने दो बैरिकेट्स पार करते हुए परिसर के अंदर प्रवेश किया और धरना देकर जमकर नारेबाजी की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने नपा परिषर के बाहर कचरा भी फेंका और नगर प्रशासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। इसको लेकर कांग्रेस जिला अध्यक्ष मोहन विश्नोई ने बताया की उन्होंने एसडीएम को डेढ़ बजे का समय दिया था, लेकिन वे समय पर नहीं पहुंचे। यह जनहित का मुद्दा है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहन विश्नोई ने ज्ञापन लेने पहुंचे एसडीएम अशोक डेहरिया से नाराजगी जताते हुए कहा कि प्रशासन भाजपा के एजेंट की तरह काम न करे। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री के नाम SDM को 9 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।
जिसमें मुख्य रूप से शहर में मटमैला पेयजल सप्लाई, पानी की टंकियों की नियमित सफाई न होना, सफाई की तारीख न लिखे जाने और बढ़े हुए जल-कर का मुद्दा उठाया। कांग्रेस का आरोप है कि घरेलू जल-कर 75 से 200 रुपये और कमर्शियल जल-कर 150 से 400 रुपये तक वसूला जा रहा है। वहीं विधायक आर.के. दोगने ने कहा की नगर पालिका की लापरवाही के कारण आम जनता परेशान है, अगर समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
जबकि नगर पालिका प्रशासन ने कांग्रेस के आरोपों पर सफाई देते हुए कहा कि समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।-------- मामले में नगर पालिका अध्यक्ष भारती कमेडिया का कहना है की नगर में व्यवस्थाएं सुधारने का काम लगातार चल रहा है, कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं।