सागर- जामा मस्जिद के पेश इमाम के आखिरी सफर में उमड़ा भारी जन सैलाब, कब्रिस्तान में किया सुपुर्द-ए-खाक
बिछड़ा कुछ इस अदा से की रुत ही बदल गई,एक शख्स सारे शहर को वीरान कर गया। जी हां सागर शहर की जामा मस्जिद के पेश इमाम मौलाना मुतिउर रहमान साहब का जब इंतकाल हुआ और उनका जनाजा निकला तो चारों तरफ सिर्फ लोगों का हुजूम नज़र आया। सड़कों पर पांव रखने की भी जगह नहीं थी। वहीं जब उनका जनाजा मोतीनगर स्थित कब्रिस्तान पहुंचा तो पूरी जगह लोगों की भीड़ से भर गई। कब्रिस्तान के अंदर और सड़कों पर लोगों की भीड़ नज़र आ रही थी।
वहीं इससे पहले दोपहर में जोहर की नमाज़ के बाद उनके जनाजे की नमाज़ जामा मस्जिद से अता की गई। इसके बाद मोतीनगर स्थित कब्रिस्तान ले जाया गया जहां उन्हें सुपुर्द ए खाक किया गया।
बता दें की सागर की ऐतिहासिक कटरा बाजार स्थित जामा मस्जिद के पेश इमाम मौलाना मुतीऊर्रहमान साहब का मंगलवार को भोपाल में इलाज के दौरान इंतकाल हो गया था। वे 66 साल के थे। उनके निधन की खबर मिलते ही शहर के मुस्लिम समाज समेत कई वर्गों में शोक की लहर दौड़ गई। मौलाना साहब पिछले 40 सालों से जामा मस्जिद में इमाम की जिम्मेदारी निभा रहे थे।
स्वास्थ्य बिगड़ने पर कुछ दिनों पहले उन्हें भोपाल में भर्ती कराया गया था। जानकारी के मुताबिक मछरयाई निवासी मौलाना मुतीऊर्रहमान को करीब एक हफ्ते पहले भी दिल का दौरा पड़ा था। उस समय भोपाल में इलाज के बाद वह स्वस्थ होकर सागर लौट आए थे। मंगलवार की सुबह अचानक उनकी तबीयत फिर बिगड़ गयी। जिसके बाद उन्हें तुरंत भाग्योदय अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए भोपाल रेफर कर दिया। जहां अस्पताल में इलाज के दौरान मंगलवार शाम करीब 4:30 बजे हृदयगति रुकने से उनका निधन हो गया। जैसे ही इस बात की खबर फैली तो मुस्लिम समुदाय में शोक की लहर दौड़ गयी।
गौरतलब है की मौलाना साहब का सागर के धार्मिक और सामाजिक जीवन में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने चार दशकों तक जामा मस्जिद के पेश इमाम के रूप में कौम की खिदमत की। उनकी सादगी और मिलनसार स्वभाव के कारण उनके चाहने वाले बड़ी संख्या में हैं। बुधवार को मछरयाई स्थित घर से उनका जनाजा निकाला गया और इसके बाद उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया।