बिना OTP 24 लाख की साइबर ठगी, जैन साध्वी के खाते से दो दिन में 6 ट्रांजैक्शन, पुलिस हैरान
मध्यप्रदेश के इंदौर में साइबर ठगी का एक बेहद चौंकाने वाला और अनोखा मामला सामने आया है, जिसने बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक जैन साध्वी के बैंक खाते से बिना ओटीपी और बिना किसी मैसेज अलर्ट के 24 लाख रुपए गायब हो गए। यह पूरी रकम दो दिन के भीतर 6 अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए निकाली गई, जबकि साध्वी को इसकी कोई जानकारी तक नहीं लगी। जानकारी के अनुसार, पीड़ित जैन साध्वी इन दिनों इंदौर के एक जैन मंदिर में प्रवास पर थीं। उनका स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में छिंदवाड़ा स्थित खाता है, जिसमें समाज के लोगों द्वारा आहार-विहार के लिए दी गई दान राशि जमा थी। 23 दिसंबर को साइबर अपराधियों ने साध्वी के खाते से 6 बार में कुल 24 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए। हैरानी की बात यह रही कि इस दौरान न तो साध्वी के मोबाइल पर कोई ओटीपी आया और न ही ट्रांजैक्शन से संबंधित कोई मैसेज अलर्ट प्राप्त हुआ।
राशि ट्रांसफर होने के बाद जिन खातों में पैसा गया, वहां से एटीएम कार्ड के जरिए तुरंत नकद निकासी भी कर ली गई। इस पूरे घटनाक्रम की भनक तब लगी, जब कुछ दिनों बाद साध्वी की एक साथी ने बैंकिंग ऐप के माध्यम से खाते की जानकारी चेक की। खाते में भारी रकम गायब देखकर तत्काल बैंक हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायत राज्य साइबर सेल, इंदौर को सौंपी गई है। प्रारंभिक जांच में साइबर सेल ने आशंका जताई है कि मोबाइल फोन में किसी संदिग्ध एपीके फाइल के जरिए हैकिंग की गई हो सकती है। इसके साथ ही बैंकिंग सिस्टम में किसी प्रकार की तकनीकी या आंतरिक चूक की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।
राज्य साइबर सेल इंदौर के डीएसपी नरेंद्र सिंह रघुवंशी ने बताया कि जिन खातों में राशि ट्रांसफर की गई, उनकी गहन जांच की जा रही है और एटीएम निकासी से जुड़े सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस साइबर ठगी के आरोपियों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी। यह मामला आम लोगों के साथ-साथ साधु-संतों की डिजिटल सुरक्षा को लेकर भी बड़ी चेतावनी बनकर सामने आया है।