सागर में अनोखा चमत्कार, एक साथ बछड़ा–बछड़ी का जन्म, केसली के सहजपुर में खुशी की लहर
सागर जिले के देवरी विधानसभा के केसली विकासखंड अंतर्गत ग्राम सहजपुर में पशुपालन से जुड़ा एक दुर्लभ और खुशी से भरा मामला सामने आया है। यहां मुन्ना घोषी के घर पाली जा रही एक देसी गाय ने एक साथ एक बछड़े और एक बछड़ी को जन्म दिया है। यह घटना 12 जनवरी 2026 की बताई जा रही है। खास बात यह है कि जन्म के बाद दोनों नवजात पूरी तरह स्वस्थ हैं, जिससे गांव में खुशी और उत्साह का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, प्रसव के समय पहले सभी को सामान्य प्रसव की ही उम्मीद थी, लेकिन जब गाय ने एक के बाद एक दो शावकों को जन्म दिया, तो परिवार के साथ-साथ आसपास के लोग भी हैरान रह गए। ग्रामीणों का कहना है कि एक साथ बछड़ा और बछड़ी का जन्म बेहद दुर्लभ माना जाता है, इसी वजह से यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है।
पशुपालक मुन्ना घोषी ने बताया कि गाय के प्रसव के दौरान घर के सभी सदस्य मौजूद थे। जैसे ही पहला बछड़ा जन्मा, सबने राहत की सांस ली, लेकिन कुछ ही देर बाद दूसरी संतान के रूप में बछड़ी के जन्म ने सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। जन्म के बाद दोनों शावकों ने सामान्य रूप से दूध पीना शुरू कर दिया, जिससे उनकी सेहत को लेकर किसी तरह की चिंता नहीं रही।
स्थानीय पशु चिकित्सकों के अनुसार, गायों में जुड़वां शावकों का जन्म बहुत कम प्रतिशत मामलों में होता है। आमतौर पर ऐसी स्थिति में कमजोर संतान होने की आशंका रहती है, लेकिन इस मामले में दोनों शावकों का स्वस्थ होना कुदरत का अनोखा उपहार माना जा रहा है। पशु चिकित्सकों ने गाय और दोनों शावकों की जांच कर आवश्यक देखरेख की सलाह भी दी है।
इस घटना के बाद गांव में आस्था और खुशी का माहौल है। ग्रामीण इसे शुभ संकेत मान रहे हैं और इसे गांव के लिए समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक बता रहे हैं। आसपास के गांवों से भी लोग इस अनोखी घटना को देखने सहजपुर पहुंच रहे हैं।
गौरतलब है कि ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन आजीविका का प्रमुख साधन है, और ऐसी दुर्लभ घटनाएं न सिर्फ पशुपालकों का मनोबल बढ़ाती हैं, बल्कि प्राकृतिक संतुलन और जीवन की विविधता का भी एहसास कराती हैं। केसली के सहजपुर में जन्मा यह बछड़ा-बछड़ी का जोड़ा अब पूरे इलाके में चर्चा और खुशी का कारण बन गया है।