गहोई समाज की नई परंपरा, अब शादियों में 7 नहीं बल्कि 8 फेरे और 8 वचन लेंगे वर-वधु
वैसे तो हिंदू रीति रिवाजों में शादी के सात फेरे और सात वचन होते हैं। लेकिन एक समाज ऐसा भी है जिसने अब नई परंपरा शुरू करते हुए 8 फेरे और 8 वचन का संकल्प लिया है। जिससे लड़कियों की आबादी बढ़ सके।
जी हां एमपी के छतरपुर में गहोई समाज ने शादी के नियम और वचनों में बदलाव किया है। वैसे हिन्दू रीति रिवाज की शादियों में प्राचीन समय से ही सात वचनों की परंपरा चली आई है। लेकिन छतरपुर में गहोई समाज ने नई परंपरा की शुरुआत की है। अब शादियों में 7 नहीं बल्कि आठ वचन वर वधू को लेने होंगे। आठवां वचन बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ होगा। जिससे आने वाली पीढ़ियों में लड़कियों की सख्या बढ़ सके। इसको लेकर बताया गया की गहोई समाज में लगातार लड़कियों की संख्या में गिरावट आ रही है।
छतरपुर का गहोई समाज गरीब निर्धन और जरूरतमंद बेटियों की शादी कराने के लिए एक सामाजिक कार्य हर साल अयोजित करता है। जिसे गहोई दिवस के रूप में मनाया जाता है। जिसकी तैयारी महीनों पहले से की जाती है। इस साल गहोई समाज के द्वारा सामूहिक कन्या विवाह में इस परंपरा के तहत शादी करने की बात कही गयी है। इस निर्णय की सराहना भी हो रही है।
छतरपुर में गहोई समाज द्वारा गहोई दिवस मनाया जाता है। जिसमें समाज के लोग इकट्ठे होकर भव्य आयोजन करते हैं। इस दिन भव्य शोभायात्रा निकाली जाती है.। जिसमें बैंडबाजों के साथ डीजे की धुन पर समाज की महिलाएं, पुरुष, बच्चे सभी डांस करते हुए निकलते हैं। इस बार यह शोभायात्रा बुंदेलखंड गैरेज से शुरु हुई जो फब्बारा चौराहा, हटवारा, समेत अन्य मार्गों से निकाली गई। इस दौरान जगह-जगह स्वागत सत्कार भी हुआ। तो कई रंगारंग कार्यक्रम अयोजित हुए। रात में एक सामूहिक कन्या विवाह का आयोजन किया गया। जिसमें 4 शादियां हुई। जिसमें वर वधु को 8 वचन दिलवाए।
इसको लेकर गहोई समाज के राजेश रूसिया बताते हैं। की समाज में लगातार लड़कियों की सख्या घट रही है। जिसको लेकर एक वचन शादी में दिलवाया गया है। जिससे आने वाली पीढ़ियों में लड़कियों की सख्या बढ़ेगी
वहीं शादी सम्पन्न कराने वाले पंडित सौरभ तिवारी बताते हैं की महिलाओं और बेटियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ का वचन दिलवाया गया है।