बुंदेलखंड के प्रसिद्ध तीर्थधाम सिद्धायतन में कई उपलब्धियों के साथ हुए कार्यक्रम
बुंदेलखंड के प्रसिद्ध तीर्थधाम सिद्धायतन में कई सारी उपलब्धियों के साथ तीन दिवसीय विधान और गोष्ठी सानंद का समापन हुआ। जहां बच्चों ने आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी।
दरअसल छतरपुर के बड़ामलहरा में बुंदेलखंड के प्रसिद्ध जैन तीर्थ स्थल सिद्धक्षेत्र द्रोणागिरी की तलहटी में स्थापित तीर्थधाम सिद्धायतन में तीन दिवसीय विधान और गोष्ठी का सफल आयोजन हुआ। जिसमें न केवल साधनी जनों को प्रवचन और गोष्ठी का लाभ मिला बल्कि संस्थान के बच्चों ने शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने भी कार्यक्रम में मौजूदगी दर्ज कराई। बाल ब्रह्मचारी रवीन्द्र जी आत्मन् बड़े पंडित जी के स्मृति दिवस पर इसका आयोजन हुआ था।
जिसमें पहले दिन जिनेन्द्र अभिषेक पूजन के बाद ध्वाजारोहण उत्तम चंद, अभय कुमार, ज्ञायक, सम्यक् जैन मोदी परिवार शाहगढ़ और जाने-माने विद्वान डा. वीरसागर जैन ने ध्वजारोहण किया। साथ ही मण्डप पर कलश विराजमान किये गये। ब्र. महेंद्र भैयाजी और अमित जैन ने सुमधुर स्वरों में चौंसठरिद्धि विधान सम्पन्न कराया। उसके बाद ठीक 10.00 बजे से पूज्य गुरुदेव के सीडी प्रवचन हुए वहीं 10:30 बजे से डॉ. वीरसागर जैन का स्वाध्याय हुआ। जिसमें भारत में आदिनाथ स्वामी का महत्व और सभी धर्मों में आदिनाथ स्वामी की मौजूदगी समझाते हुए सभा को सम्बोधित किया।
सभा में पहुंचे बड़ामलहरा एसडीएम आयुष जैन का ट्रस्ट मण्डल ने सम्मान किया। दोपहर में 2 बजे आराधना और प्रभावना नामक विषय के माध्यम से रविन्द्र जी आत्मन जीवन पर ब्रह्मचारी भाईयों द्वारा गोष्ठी की गई।
वहीं शाम को भी कई कार्यक्रम हुए। सिद्धार्थी छात्रों द्वारा आत्मा का वजन बढ़ गया" नामक विषय पर सुन्दर नाटक प्रस्तुति दी।
इसी को लेकर दूसरे दिन जिनेन्द्र पूजन के बाद विधान आमंत्रणकर्ता परिवार कुसुम गंगवाल, राहुल गंगवाल, विनीत गंगवाल परिवार जयपुर द्वारा मण्डप पर अष्टमंगल द्रव्य विराजमान किये गये। इसके बाद गुरुदेव के सीडी प्रवचन हुए।
इस दौरान समन्तभद्र शिक्षण के छात्रों द्वारा लगाई गई विज्ञान और जैनदर्शन प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया। दोपहर में बुन्देलखण्ड शास्त्री परिषद द्वारा बड़े पंडित जी के जीवन पर उनके तत्वज्ञान और रचनाओं पर आधारित सुन्दर गोष्ठी का आयोजन किया गया। दूसरे दिन भी शाम को कई कार्यक्रम हुए। कार्यक्रम में पहुंचे छतरपुर जिले के पुलिस कप्तान अगम जैन का ट्रस्ट मण्डल और कार्यक्रम के संयोजक, सह संयोजक ने सम्मान किया।
आखिर में कैसे थे वे पंडित जी" नामक विषय पर सुन्दर मंचन हुआ। अगले दिन सिद्धक्षेत्र द्रोणागिरी की सामूहिक वंदना के बाद कार्यक्रम का समापन हुआ।