अधूरा ओवरब्रिज बना मौत का जाल, गूगल मैप की चूक से 40 फीट नीचे गिरे बाइक सवार |SAGAR TV NEWS|
एमपी के खंडवा शहर में पिछले आठ वर्षों से अधूरा पड़ा ओवरब्रिज एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ है। सिविल लाइन क्षेत्र में स्थित इस निर्माणाधीन ओवरब्रिज से बाइक सवार दो युवक करीब 40 फीट नीचे जा गिरे, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। हैरानी की बात यह है कि हादसे की बड़ी वजह गूगल मैप की गलत दिशा और मौके पर सुरक्षा इंतजामों का पूरी तरह अभाव बताया जा रहा है। यह घटना प्रशासन और सेतु निगम की गंभीर लापरवाही को उजागर करती है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घायल युवक खरगोन जिले के निवासी हैं, जो खालवा के सिरपुर से अपने घर लौट रहे थे। खंडवा शहर में प्रवेश करते ही उन्होंने गूगल मैप का सहारा लिया। मैप ने उन्हें दो रास्ते दिखाए—एक पर भारी ट्रैफिक और दूसरा सुनसान। समय बचाने के चक्कर में उन्होंने सुनसान रास्ता चुन लिया। यही रास्ता उन्हें सिविल लाइन के अधूरे ओवरब्रिज तक ले गया।
रात का अंधेरा, सड़क पर सन्नाटा और सबसे बड़ी चूक—न कोई चेतावनी बोर्ड, न बैरिकेड और न ही रिफ्लेक्टर। बाइक सवारों को लगा कि सड़क आगे भी जारी है, लेकिन अचानक ब्रिज का सिरा खत्म हो गया। संतुलन बिगड़ते ही दोनों युवक बाइक सहित सीधे नीचे जा गिरे। पीछे से आ रहे उनके साथी ने यह दृश्य देख तुरंत ब्रेक लगा दिए, जिससे दूसरा बड़ा हादसा टल गया।
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए पहुंचे और रेलवे पुलिस को सूचना दी। पुलिस व ग्रामीणों की मदद से घायलों को खाई से बाहर निकाला गया और जिला अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों के अनुसार दोनों युवकों को फ्रैक्चर और गंभीर अंदरूनी चोटें आई हैं, हालांकि समय पर इलाज से उनकी जान बच गई।
यह ओवरब्रिज करीब 200 करोड़ रुपये की परियोजना का हिस्सा है, जो वर्षों से अधूरी पड़ी है। इतनी बड़ी लागत के बावजूद सुरक्षा के नाम पर शून्य इंतजाम होना प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा उदाहरण है। हादसे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है, जिसमें साफ दिख रहा है कि ब्रिज पर कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने कलेक्टर से मांग की है कि तत्काल बैरिकेड, रेडियम संकेतक और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं, साथ ही गूगल मैप पर इस अधूरे मार्ग को अपडेट कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी और की जान जोखिम में न पड़े।