हाई अलर्ट पर प्रशासन, शांतिपूर्वक हुई पूजा-जुमे की नमाज, भोजशाला में बसंत पंचमी पर आस्था-अमन का संगम
एमपी के धार जिले की ऐतिहासिक भोजशाला में बसंत पंचमी के अवसर पर शुक्रवार को आस्था, अनुशासन और शांति का अनोखा संगम देखने को मिला। मां वाग्देवी की पूजा और जुमे की नमाज को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा, वहीं सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत दोनों समुदायों के धार्मिक कार्यक्रम निर्विघ्न और शांतिपूर्वक संपन्न हुए।
सुबह से ही भोजशाला परिसर में हिंदू श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया। बसंत पंचमी के पावन अवसर पर मां सरस्वती की आराधना के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और हवन-पूजन किया। वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच पूरा परिसर भक्ति भाव से सराबोर नजर आया। प्रशासन द्वारा तय किए गए स्थान पर श्रद्धालुओं ने बिना किसी व्यवधान के पूजा-अर्चना की।
दूसरी ओर, दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार मुस्लिम समाज द्वारा नियत स्थान पर जुमे की नमाज शांतिपूर्वक अदा की गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि दोनों पक्षों की गतिविधियां पूरी तरह नियंत्रण और निगरानी में रहीं तथा किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति सामने नहीं आई।
धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जा रहा है और भोजशाला में पूजा तथा नमाज दोनों ही निर्विघ्न चल रही हैं। उन्होंने आमजन से शांति और सहयोग बनाए रखने की अपील की।
इस बीच केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर भी भाजपा जिलाध्यक्ष महंत निलेश भारती के साथ भोजशाला पहुंचीं। उन्होंने मां सरस्वती के दर्शन कर विशेष पूजा की और कहा कि भोजशाला हमारी आस्था का केंद्र है। कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए पूरे दिन पूजा होगी और श्रद्धालु शांतिपूर्वक दर्शन करेंगे।
सुरक्षा व्यवस्था की बात करें तो भोजशाला ही नहीं, बल्कि पूरे धार शहर में हाई अलर्ट रखा गया है। स्थानीय पुलिस के साथ सीआरपीएफ और रैपिड एक्शन फोर्स के 8 हजार से अधिक जवान तैनात किए गए हैं। पूरे क्षेत्र की निगरानी सीसीटीवी, ड्रोन और AI तकनीक से की जा रही है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पीजी कॉलेज में अस्थायी जेल भी तैयार की गई है।
कुल मिलाकर, बसंत पंचमी के दिन भोजशाला में आस्था के साथ-साथ शांति और कानून व्यवस्था की मिसाल देखने को मिली, जहां प्रशासन की सतर्कता और दोनों समुदायों के सहयोग से पूरा आयोजन शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।