सागर का अनोखा मंदिर जहां प्रसाद में पेन कॉपी चढ़ाये जाते, बसंत पंचमी पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा
बसंत पंचमी पर मां वागेश्वरी देवी सरस्वती की प्रगट उत्सव के रूप में मनाया जाता है, सागर के द्वारा में सरस्वती मां का उत्तर मुखी इकलौता मंदिर है जो पूरे शहर की आस्था का केंद्र है बसंत पंचमी पर सुबह से ही यहां पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा, खास तौर पर यहां पर पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी दिनभर हजारों की संख्या में पहुंचे जिन्होंने मां सरस्वती के दर्शन कर पूजन अर्चन किया और अपने साथ लाए पेन कॉपी रजिस्टर माता के चरणों में अर्पित करते हैं ताकि वह अपने लक्ष्य की प्राप्ति कर सकें, ऐसा भी कहा जाता है की मां सरस्वती को यहां प्रसाद में लड्डू पेड़ा के साथ यह पेन कॉपी भी चढ़ाई जाती है और विद्यार्थी के लिए यह सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होता है दिन भर में हजारों की संख्या में विद्यार्थी पहुंचते हैं
मंदिर में मां के प्रकट उत्सव को लेकर दो दिन पहले से ही तैयारी की जा रही थी मंदिर को भव्य रूप में सजाया गया था साथ ही संगीत में कलाकारों के द्वारा सुंदर भजनों की प्रस्तुतियां दी गई मां को स्वर और वीणा के माध्यम से आराधना की गई,
मंदिर के पुजारी पंडित यशोवर्धन चौबे ने बताया कि मां सरस्वती ज्ञान बल बुद्धि की अधिष्ठात्री देवी कहीं गई है, उनका आज जन्म उत्सव है जो हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है मंदिर परिसर में सुबह से ही सनातन धर्म में चले आ रहे 7 संस्कार कराई गई जिसमें विद्या आरंभ कर्ण छेदन वर्ण विन्यास वाक्य विन्यास प्रमुख रूप से हुए इसके अलावा विद्यार्थियों ने अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए व्यापारियों ने अपने व्यवसाय की उन्नति के लिए, रोजी निरोगी काया के लिए इस तरह से अर्थ धर्म काम मोक्ष तत्व की प्राप्ति के लिए मंदिर परिसर में सुबह से माता की आराधना की जा रही है