Sagar- रहस मेले में राई क्यों करवाते है गोपाल भार्गव, दिल खोलकर सच बता दिया |SAGAR TV NEWS|
सागर जिले के गढ़ाकोटा में बसंत पंचमी से ऐतिहासिक और दूर-दूर तक फिर से रहस्य मेले का ध्वजारोहण के साथ शुभारंभ हो जाता है रहस्य मेले के अंतिम दिनों में होने वाली राई नृत्य देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचते हैं और इस आयोजन के होने का उन्हें साल भर इंतजार भी रहता है लेकिन पिछले कुछ समय से इस तरह के कार्यक्रम की आलोचना भी झेलनी पड़ रही है इसी को देखते हुए इस बार इस मेले को जीवंत करने वाले स्थानीय विधायक और पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव ने विरोधियों पर तंज कसा है उन्होंने कहा की राई नृत्य वह अपने शौक के लिए नहीं करते हैं एक तो जो मनोरंजन के लिए परंपरागत रूप से चला रहा है उसको आगे बढ़ा रहे हैं और दूसरा यह केवल क्षेत्र के लोगों के लिए नहीं बल्कि दूर-दूर से इसे देखने के लिए आते अगर कोई पसंद नहीं करता तो जब यह आयोजन होता है तो यह पचासों हजार की भीड़ कहां से आ जाती है, क्षेत्र के लोगो को मनोरंजन में आनंद आता है,
रहस मेला कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गोपाल भार्गव ने महाराजा मर्दन सिंह जूदेव की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। 218 वां रहस मेले की शुरुआत 1809 में बसंत पंचमी को ध्वजारोहण के साथ हुई । जो होली तक चलेगा। मेले में प्रदेश के कोने-कोने से लोग शिरकत करेंगे । कार्यक्रम को गोपाल भार्गव ने संबोधित करते हुए कहा इस मेले को पुष्पित पल्लवित करने का हमारा दायित्व है।
मेला हमारी अमूल्य धरोहर है । बुंदेलखंड का सबसे प्राचीन मेला है ।मेला 218 साल से चल रहा है यह मध्यप्रदेश नहीं हिंदुस्तान का सबसे पुराना मेला है । जिसके लिए हमें गर्व होना चाहिए । हमारी संस्कृति धरोहर विरासत है हम सभी को संवारना है। हमारा नगर वैभवशाली है। जिस स्थान की विशेषता होती है उस स्थान पर मेले लगते हैं। मेले की तरक्की और भव्यता बनाए रखने के लिए हम सभी को प्रयास रखना है।