सागर- मध्य प्रदेश में भी बने मृ त शरीर सम्मान कानून, राजस्थान मॉडल पर सागर आईएमए की मांग
सागर- मध्य प्रदेश में भी बने मृ त शरीर सम्मान कानून, राजस्थान मॉडल पर सागर आईएमए की मांग
मध्य प्रदेश में मृतकों की गरिमा और सम्मान की रक्षा के लिए राजस्थान की तर्ज पर सख्त कानून बनाए जाने की मांग तेज हो गई है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन आईएमए सागर शाखा ने इस दिशा में अहम पहल करते हुए बण्डा विधायक वीरेंद्र सिंह लंबरदार को विस्तृत ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने उनसे मुलाकात कर राजस्थान में लागू राजस्थान मृत शरीर सम्मान अधिनियम, 2023 को मध्य प्रदेश में भी लागू करने की मांग की। आईएमए का कहना है कि हाल के वर्षों में विरोध-प्रदर्शनों और दबाव की राजनीति में मृत शरीरों का दुरुपयोग बढ़ता जा रहा है, जो न केवल अमानवीय है बल्कि समाज की संवेदनशीलता पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। राजस्थान का यह कानून मृतकों की गरिमा सुनिश्चित करने के लिए कड़े प्रावधान करता है, जिसमें शव का प्रदर्शन या दुरुपयोग करने पर जेल और जुर्माने का प्रावधान है।
विधायक वीरेंद्र सिंह लंबरदार ने ज्ञापन पर सहमति जताते हुए कहा कि “मृतकों का सम्मान किसी भी सभ्य समाज की पहचान है।” उन्होंने आश्वासन दिया कि इस विषय को मध्य प्रदेश विधानसभा में गंभीरता से उठाया जाएगा और जल्द से जल्द विधेयक लाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने इसे बढ़ती “शव राजनीति” पर रोक लगाने के लिए जरूरी कदम बताया। इसके साथ ही आईएमए सागर ने स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े एक अन्य अहम मुद्दे को भी उठाया। संगठन ने अस्पतालों, क्लीनिकों और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों की स्थापना व संचालन प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाने की मांग की। आईएमए अध्यक्ष डॉ. तल्हा साद ने बताया कि जटिल नियमों, भारी शुल्क और लंबी एनओसी प्रक्रियाओं के कारण डॉक्टरों पर अनावश्यक प्रशासनिक बोझ पड़ता है, जिसका सीधा असर मरीजों की देखभाल पर पड़ता है।
ज्ञापन में सिंगल विंडो सिस्टम, ऑनलाइन और समयबद्ध अनुमोदन प्रक्रिया, शुल्क में कमी तथा स्पष्ट और व्यावहारिक एसओपी लागू करने जैसे सुझाव दिए गए हैं। आईएमए का मानना है कि इससे स्वास्थ्य सेवाओं में निवेश बढ़ेगा और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में बेहतर इलाज सुविधाएं उपलब्ध होंगी। आईएमए सागर ने स्पष्ट किया कि वह मृतकों की गरिमा की रक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार के लिए जागरूकता फैलाने तथा सरकार के साथ सहयोग के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।