MP | 2.52 करोड़ के साइबर फ्रॉड का किंगपिन गिरफ्तार, क्राइम ब्रांच के शिकंजे में आया उदय विनाग्या
साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एमपी के ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने 2 करोड़ 52 लाख रुपए के चर्चित साइबर फ्रॉड मामले में मुख्य आरोपी और मास्टरमाइंड किंगपिन उर्फ उदय विनाग्या को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी उदय विनाग्या के खाते में ठगी की रकम में से करीब 1 करोड़ 30 लाख रुपए ट्रांसफर होने की पुष्टि हुई है। कोर्ट की सख्ती और लगातार दबाव के बाद आखिरकार पुलिस ने इस शातिर साइबर ठग को धर दबोचा।
यह मामला 17 मार्च 2025 का है, जब रामकृष्ण आश्रम के तत्कालीन सचिव सुप्रदीप्तानंद को साइबर ठगों ने “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाकर 2.52 करोड़ रुपए की ठगी का शिकार बनाया था। खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर ठगों ने मानसिक दबाव बनाया और अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर करवा ली। इस सनसनीखेज मामले में अब तक क्राइम ब्रांच 17 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि उदय विनाग्या लंबे समय से फरार चल रहा था।
पुलिस जांच में बड़ा खुलासा तब हुआ, जब गिरफ्तार आरोपी करण ने पूछताछ के दौरान अपने ही भाई उदय विनाग्या को इस पूरे फ्रॉड का सरगना बताया। करण ने बताया कि ठगी की पूरी योजना उदय ने तैयार की थी और उसी के निर्देश पर रकम विभिन्न खातों में ट्रांसफर की गई। करण ने स्वीकार किया कि उसने 1 करोड़ 30 लाख रुपए सीधे उदय के खाते में भेजे थे, जिससे उसकी भूमिका पूरी तरह स्पष्ट हो गई।
जांच में यह भी सामने आया है कि उदय की मां हेमलता के बैंक खाते में भी संदिग्ध लेनदेन हुआ है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ठगी की रकम कहां-कहां निवेश की गई, आरोपी कितने बैंक खाते संचालित करता है और इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है। क्राइम ब्रांच का मानना है कि पूछताछ में साइबर फ्रॉड से जुड़े कई और बड़े नामों का खुलासा हो सकता है।
फिलहाल आरोपी उदय विनाग्या से गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह गिरफ्तारी साइबर अपराधियों के लिए एक सख्त संदेश है कि डिजिटल ठगी करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।