सागर IMA की दोहरी पहल, मृतकों के सम्मान का कानून और अस्पतालों के लिए Ease of Doing Business की मांग
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन आईएमए सागर शाखा ने स्वास्थ्य और मानवीय मूल्यों से जुड़े दो अहम मुद्दों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित किया है। आईएमए ने एक ओर जहां मृतकों के सम्मान और गरिमा की रक्षा के लिए सख्त कानून की मांग उठाई, वहीं दूसरी ओर प्रदेश में अस्पतालों और क्लीनिकों के संचालन को आसान बनाने के लिए Ease of Doing Business से जुड़ा ठोस प्रस्ताव भी रखा है। आईएमए सागर के प्रतिनिधिमंडल ने उपमुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ला से भेंट कर उन्हें आईएमए का वर्ष 2026 का कैलेंडर भेंट किया और ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में राजस्थान में लागू राजस्थान मृत शरीर सम्मान अधिनियम 2023 का हवाला देते हुए मध्यप्रदेश में भी इसी तरह का प्रभावी और सख्त कानून लागू करने की मांग की गई। आईएमए का कहना है कि मृत शरीरों के साथ होने वाली अमानवीय घटनाएं सभ्य समाज को शर्मसार करती हैं और इन्हें रोकने के लिए स्पष्ट कानून जरूरी है।
इसके साथ ही आईएमए ने स्वास्थ्य संस्थानों के लिए Ease of Doing Business को बढ़ावा देने हेतु विस्तृत प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इसमें प्रमुख रूप से सभी अनुमतियों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम, एनओसी प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और समयबद्ध बनाने, अस्पतालों और क्लीनिकों से जुड़े शुल्कों को न्यूनतम करने तथा एसओपी और एक्रीडिटेशन मानकों को सरल और एकरूप करने की मांग शामिल है। आईएमए का मानना है कि इससे न केवल डॉक्टरों को राहत मिलेगी, बल्कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार भी तेजी से होगा। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने दोनों प्रस्तावों पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए कहा कि मृतकों का सम्मान किसी भी सभ्य समाज की पहचान है और इस दिशा में कानून की आवश्यकता से सरकार सहमत है।
उन्होंने आश्वासन दिया कि इस संबंध में विधानसभा में विधेयक लाने के प्रयास किए जाएंगे। साथ ही, अस्पतालों और क्लीनिकों की स्थापना व संचालन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए जल्द प्रशासनिक सुधार के निर्देश भी दिए जाएंगे। इस अवसर पर आईएमए सागर के अध्यक्ष डॉ. तल्हा साद, सीएमएचओ डॉ. ममता तिमोरी, डॉ. संतोष पटेल सहित कई वरिष्ठ चिकित्सक मौजूद रहे। आईएमए सागर ने स्पष्ट किया कि वह समाजहित और स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आगे भी सक्रिय भूमिका निभाता रहेगा।