सागर कलेक्टर का सख्त एक्शन, लापरवाह पटवारी निलंबित, शाहगढ़ में 242 आवेदनों की जनसुनवाई SAGAR TV NEWS
सागर जिले के शाहगढ़ स्थित आजीविका मिशन केंद्र में आज कलेक्टर संदीप जी. आर. की अध्यक्षता में जनसुनवाई का आयोजन किया गया, जिसमें आम जनता की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ सुना गया। जनसुनवाई में विभिन्न विभागों से जुड़े कुल 242 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से अधिकांश मामलों का मौके पर ही निराकरण कर दिया गया। इससे आमजन में प्रशासन के प्रति विश्वास और संतोष का माहौल देखने को मिला। जनसुनवाई के पश्चात कलेक्टर संदीप जी. आर. ने शाहगढ़ क्षेत्र का भ्रमण किया, जहां शासकीय कार्यों में गंभीर लापरवाही सामने आने पर उन्होंने सख्त कार्रवाई की। कृषि भूमि से जुड़े एक प्रकरण में पटवारी मोन सिंह गौंड द्वारा वरिष्ठ कार्यालय के आदेशों की अवहेलना और लापरवाही पाए जाने पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय केसली निर्धारित किया गया है।
यह मामला शाहगढ़ निवासी संदीप जैन की कृषि भूमि खसरा नंबर 146/1/2 पर अवैध कब्जे से संबंधित है। जानकारी के अनुसार, 12 जुलाई 2024 को आवेदक के पक्ष में सीमांकन और कब्जा दिलाने का आदेश पारित किया गया था, जिसकी पुष्टि 22 जुलाई 2025 को अपील के निर्णय में भी हो चुकी थी। इसके बावजूद मैदानी अमले द्वारा आज तक कब्जा नहीं दिलाया गया, जिसे कलेक्टर ने गंभीर प्रशासनिक चूक माना। इसी प्रकरण में प्रभारी तहसीलदार ज्ञान चंद्र राय को भी कलेक्टर ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्हें 3 फरवरी 2026 तक व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर ने इसके बाद शासकीय अस्पताल का निरीक्षण कर मरीजों को बेहतर इलाज, साफ-सफाई और व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। जनसुनवाई स्थल पर अभिनव विद्यामंदिर में संचालित मां दुर्गा शक्ति व्यायाम शाला के बच्चों द्वारा किए गए मलखंब प्रदर्शन को भी कलेक्टर ने देखा और बच्चों के कौशल की सराहना करते हुए अधिकारियों को उन्हें हर संभव सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कुल मिलाकर शाहगढ़ की यह जनसुनवाई प्रशासन की संवेदनशीलता और सख्ती का स्पष्ट संदेश देकर गई।
कलेक्टर संदीप जी आर ने मंगलवार को शाहगढ़ विकासखंड स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने केंद्र की व्यवस्थाओं को बारीकी से देखा और वहां भर्ती कुपोषित बच्चों सहित हाई रिस्क गर्भवती माताओं से चर्चा कर उनका कुशलक्षेम जाना।