सड़कों पर गूंजे यूजीसी बॉयकॉट के नारे, यूजीसी के फैसले पर सवर्ण समाज का उग्र विरोध
यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) के हालिया फैसले के विरोध में एमपी के जबलपुर में सवर्ण समाज का आक्रोश सड़कों पर खुलकर देखने को मिला। बड़ी संख्या में सवर्ण समाज के लोग घंटाघर चौक पर एकत्र हुए और केंद्र सरकार व यूजीसी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने फैसले को जनरल कैटेगरी के छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की। घंटाघर चौक पर एकत्र समाजजन हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर पहुंचे। “यूजीसी बॉयकॉट करो”, “जनरल कैटेगरी के साथ अन्याय बंद करो” जैसे नारे पूरे इलाके में गूंजते रहे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए नियम से सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए उच्च शिक्षा के रास्ते और कठिन हो जाएंगे, जिससे उनकी प्रतिस्पर्धा और अवसर दोनों प्रभावित होंगे।
नारेबाजी के बाद सवर्ण समाज के लोग घंटाघर चौक से कलेक्ट्रेट कार्यालय तक पैदल मार्च करते हुए पहुंचे। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। कलेक्ट्रेट गेट पर बैरिकेट्स लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोका गया, जहां उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया। इसके बाद सवर्ण समाज के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया कि यूजीसी का यह फैसला जनरल कैटेगरी के छात्रों के अधिकारों का हनन है और इससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो सकता है। समाज के नेताओं ने मांग की कि केंद्र सरकार इस फैसले पर पुनर्विचार करे और इसे तुरंत वापस ले।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह आंदोलन सिर्फ जबलपुर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे प्रदेश और देश स्तर पर इसे और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सवर्ण समाज अपने बच्चों के भविष्य से कोई समझौता नहीं करेगा। पूरे प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। हालांकि नारेबाजी तीखी थी, लेकिन प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा और किसी तरह की अप्रिय स्थिति सामने नहीं आई।