सागर- प्रदर्शनकारियों पर वाटर कैनन, सड़कों पर मचा हड़कंप,UGC नियमों के खिलाफ देवरी में उबाल
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों के विरोध में गुरुवार को एमपी के सागर जिले के देवरी नगर में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला। विभिन्न सामाजिक संगठनों, ब्राह्मण समाज, करणी सेना और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने एकजुट होकर UGC के प्रस्तावित नियमों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए तहसील कार्यालय की ओर मार्च कर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपने जा रहे थे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि UGC के नए नियम सामान्य वर्ग समेत कई वर्गों के छात्रों के भविष्य के लिए घातक हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह नियम शिक्षा व्यवस्था में असमानता बढ़ाने वाले हैं और प्रतिभावान छात्रों के साथ अन्याय करेंगे। प्रदर्शन के दौरान UGC नियमों के विरोध में पुतला दहन भी किया गया, जिससे माहौल और गर्मा गया।
हालात उस वक्त तनावपूर्ण हो गए, जब प्रदर्शनकारी ज्ञापन देने के लिए तहसील कार्यालय के नजदीक पहुंचे। मौके पर तैनात पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से भीड़ को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की। इसी बीच स्थिति बिगड़ती देख प्रशासन ने वाटर कैनन (पानी की बौछार) का इस्तेमाल किया। अचानक पानी की तेज धार छोड़े जाने से प्रदर्शनकारियों में अफरा-तफरी मच गई और लोग इधर-उधर भागते नजर आए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाना चाहते थे, लेकिन लोकतांत्रिक आवाज को दबाने के लिए बल प्रयोग किया गया। उनका कहना है कि छात्रों और समाज के हितों से जुड़े मुद्दे पर सरकार को बातचीत करनी चाहिए थी, न कि वाटर कैनन का सहारा लेना चाहिए था।
वहीं प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया। अधिकारियों के मुताबिक, किसी भी व्यक्ति के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है और स्थिति को समय रहते नियंत्रण में ले लिया गया। बाद में प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी (तहसील देवरी) को सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने UGC के नए नियमों को “काला कानून” करार देते हुए चेतावनी दी कि यदि इन्हें वापस नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। पूरे घटनाक्रम के दौरान देवरी में भारी पुलिस बल तैनात रहा और माहौल देर तक तनावपूर्ण बना रहा।