Sagar लापरवाही पड़ी महंगी, चार्टेड बस सर्विस को क्षतिग्रस्त लगेज का देना पड़ा हर्जाना, जानें मामला
चार्टर्ड बस में लगेज के रूप में भेजा गया प्रोजेक्टर क्षतिग्रस्त होने पर चार्टर्ड बस सर्विस के संचालक को उसकी कीमत 50 हजार रुपए परिवादी को लौटाने के साथ 5 हजार रुपए क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है।
सागर जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष राजेश कुमार कोष्टा और सदस्य अनुभा वर्मा ने मामले की सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया है। बड़ा बाजार निवासी परिवादी माणिकराज सुनरया ने चार्टर्ड स्पीड प्राइवेट लिमिडेट (चार्टर्ड बस सर्विसेज) के संचालक व प्रबंधक के खिलाफ जिला उपभोक्ता विवाद प्रतिपोषण आयोग में परिवाद पेश किया था।
मामले में पैरवी करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता पवन नन्होरिया ने बताया कि परिवादी ने अपने दोस्त अमित कुमार से 2 अप्रैल 2025 को एक प्रोजेक्टर कार्टून में पैक कराकर लगेज अनावेदक की बस में भोपाल के आईएसबीटी से सागर निर्धारित शुल्क रसीद 150 रुपए का भुगतान कर बुक किया था। लगेज 3 अप्रैल को सागर पहुंचाने का कहा गया था। 3 अप्रैल को पार्सल आने की सूचना एसएमएस द्वारा अनावेदक द्वारा दिए जाने पर आवेदक ने अपने कर्मचारी को पार्सल लेने के लिए भेजा। कर्मचारी ने मौके पर पहुंचकर सूचना दी कि पार्सल का कार्टून फटा है।
क्षतिग्रस्त कार्टून की फोटो खींचकर भेजी गई। जिस पर परिवादी स्वयं मौके पर पहुंचा और कार्टून देखा। संदेह होने पर र वीडियोग्राफी कराकर पार्सल को खोला गया। जिसमें प्रोजेक्टर क्षतिग्रस्त हालत में था। मामले की शिकायत अनावेदक के खिलाफ शिकायत नंबर पर की गई। कॉल लगाने पर सागर, भोपाल, इंदौर के कर्मचारियों पर जवाबदारी थोपते हुए गुमराह करते रहे। मामले में परेशान होकर परिवादी ने आयोग में परिवाद पेश किया।
परिवादी के अधिवक्ता नन्होरिया ने बताया कि सुनवाई के दौरान अनावेदक उपस्थित नहीं हुए और उन्होंने अपना पक्ष नहीं रखा। जिस पर आयोग ने मामले में पेश किए गए दस्तावेजों व साक्ष्यों के आधार पर मामले में फैसला सुनाया है।