लूडो के 1500 रुपये बने अपहरण की वजह, छात्रों को कार में उठा ले गए, 11 हजार छीने, 4 गिरफ्तार
मध्प्रदेश की राजधानी भोपाल में लूडो के छोटे से दांव ने ऐसा खूनी रूप ले लिया कि दो छात्रों को बीच सड़क से कार में किडनैप कर लिया गया। आरोपियों ने न सिर्फ उन्हें घंटों बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा, बल्कि उनसे 11 हजार रुपये भी छीन लिए। यह सनसनीखेज घटना एमपी नगर इलाके की है, जहां खुलेआम चाय-कॉफी की दुकानों पर लूडो के नाम पर सट्टे का खेल चल रहा था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले के अनुसार, बालाघाट निवासी 23 वर्षीय अभय चौहान, जो भोपाल में बीटेक के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है, अपने दोस्त विक्की प्रजापति के साथ एमपी नगर की एक चाय की दुकान पर अक्सर लूडो खेलता था। यहां हार-जीत पर दांव लगाया जाता था। कुछ दिन पहले दोनों लूडो में 1500 रुपये हार गए थे और उन्होंने दो दिन में पैसा लौटाने का वादा किया था।
दो दिन बाद जब अभय और विक्की उसी दुकान पर पहुंचे, तो वहां मौजूद अमन सोनी, रोहित अहिरवार, मुन्ना बारिस और लक्की ने उनसे पैसों की मांग की। अभय के पास रुपये न होने की बात कहते ही चारों भड़क गए। फिल्मी अंदाज में उन्होंने दोनों छात्रों को जबरन अपनी कार में खींच लिया और कोलार रोड की तरफ ले गए। पीड़ितों के मुताबिक, चलती कार में उनके साथ मारपीट की गई, उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई और दबाव बनाकर न सिर्फ 1500 रुपये, बल्कि उनके पास मौजूद 11 हजार रुपये भी छीन लिए गए। घंटों दहशत में रखने के बाद आरोपियों ने उन्हें वापस एमपी नगर में छोड़ दिया और फरार हो गए। सहमे हुए छात्रों ने सीधे थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एमपी नगर थाना प्रभारी जयहिंद शर्मा ने तत्काल कार्रवाई करते हुए घेराबंदी की और चारों आरोपियों—अमन, रोहित, मुन्ना और लक्की—को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने अपहरण, मारपीट और लूट की धाराओं में केस दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया है। इस घटना ने शहर में चल रहे अवैध सट्टे और जुए के अड्डों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि चाय की दुकानों पर खुलेआम लूडो के नाम पर जुआ खेला जा रहा है, जिससे आए दिन झगड़े और अपराध बढ़ रहे हैं। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है कि इस दुकान पर और कौन-कौन लोग सट्टे में शामिल हैं। यह मामला एक चेतावनी है कि मामूली दांव भी कभी-कभी जानलेवा अपराध में बदल सकता है।