प्रशासन का बुलडोजर एक्शन, आईटीआई की सरकारी जमीन से पक्का अतिक्रमण ढहाया, माफिया को कड़ी चेतावनी
सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ एमपी के दतिया प्रशासन ने कड़ा संदेश दिया है। कलेक्टर के निर्देश पर नगर क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाया गया और शासकीय भूमि पर बने पक्के निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई रामनगर मौजा स्थित सर्वे नंबर 617 की सरकारी जमीन पर की गई, जिसे अतिक्रमणकारियों ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा था। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल और नगर पालिका का अमला मौजूद रहा, जिससे किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति नहीं बनी।
प्रशासन के अनुसार, यह जमीन आईटीआई कार्यालय की शासकीय भूमि बताई जा रही है, जिस पर स्थानीय निवासी मिथुन पुत्र किशोरी शरण आहिरवार और राममिलन यादव ने करीब 5,000 वर्गफीट क्षेत्र में पक्का निर्माण कर लिया था। लंबे समय से इस अवैध कब्जे की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाते हुए तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए। तहसीलदार बृज मोहन आर्य के नेतृत्व में राजस्व विभाग, नगर पालिका और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी मशीन से अवैध निर्माण जमींदोज कर दिया।
कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी संख्या में स्थानीय लोग जमा हो गए। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी के कारण स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही। प्रशासन ने साफ किया कि सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का अतिक्रमण अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिन लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है, उन्हें तुरंत हटाने की चेतावनी दी गई है, अन्यथा उनके खिलाफ भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर ने कहा कि दतिया जिले में अतिक्रमण और भू-माफिया के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। प्रशासन का उद्देश्य न केवल सरकारी संपत्ति को मुक्त कराना है, बल्कि अवैध कब्जाधारियों में कानून का डर भी पैदा करना है। अधिकारियों ने बताया कि आने वाले दिनों में ऐसे और भी चिन्हित स्थलों पर बुलडोजर चल सकता है। इस कार्रवाई से उन लोगों में हड़कंप मच गया है, जिन्होंने सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण कर रखा है। प्रशासन की यह सख्ती यह स्पष्ट करती है कि दतिया में अब अवैध कब्जों का खेल ज्यादा दिन नहीं चलेगा और कानून के हाथ हर अतिक्रमणकारी तक पहुंचेंगे।