पुलिस-प्रशासन का फ्लैग मार्च, एसपी की दो टूक चेतावनी, अफवाहों से दूर रहें, अमन का मार्च
एमपी के उज्जैन के नागदा में शांति और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस-प्रशासन ने शक्ति प्रदर्शन करते हुए बड़ा फ्लैग मार्च निकाला। यह मार्च उन अराजक तत्वों के लिए सीधा संदेश था, जिन्होंने बीती रात माहौल बिगाड़ने की कोशिश की थी। सड़कों पर पुलिस के अनुशासित कदमों ने आम जनता को सुरक्षा का भरोसा दिया, जबकि असामाजिक तत्वों में हड़कंप मच गया।
उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा ने साफ शब्दों में चेतावनी दी—“अफवाहों पर ध्यान न दें, हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर पुलिस की पैनी नजर है।” दरअसल, थाना नागदा क्षेत्र में कुछ लोगों ने शांति भंग करने का प्रयास किया था। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए नागदा पुलिस के साथ अतिरिक्त बल तैनात किया गया था, जिसके बाद हालात काबू में आ गए थे। इसी पृष्ठभूमि में बुधवार को पुलिस और प्रशासन ने संयुक्त फ्लैग मार्च निकालकर यह स्पष्ट संदेश दिया कि शहर में कानून का राज रहेगा।
फ्लैग मार्च थाना नागदा से शुरू हुआ और मिर्ची बाजार, राजीव कॉलोनी, चंबल सागर कॉलोनी, किल्कीपुरा, चंबल मार्ग, काल भैरव मंदिर, थाना चौराहा, पाल्या रोड, महिदपुर नाका, बस स्टैंड, जवाहर मार्ग होते हुए कोटा फाटक पर संपन्न हुआ। संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी गई और आम लोगों से संवाद भी किया गया। इस मार्च का नेतृत्व एएसपी ग्रामीण अभिषेक रंजन, एसडीओपी आकांक्षा बछोटे, तहसीलदार मधु नायक, तहसीलदार सुभाष सुनने, देवेश गोखले और थाना प्रभारी नागदा अमृतलाल गवरी ने किया। इनके साथ ऊर्जा डेस्क प्रभारी योगिता उपाध्याय, थाना बिरलाग्राम प्रभारी जितेंद्र पाटीदार सहित अन्य अधिकारी और बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।
उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा ने नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि जो भी व्यक्ति कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जनता से अपील की कि यदि कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। पुलिस ने फ्लैग मार्च के दौरान क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और यह भरोसा दिलाया कि नागदा में शांति बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी जारी रहेगी। थाना नागदा पुलिस द्वारा चौकसी बढ़ा दी गई है और सभी संवेदनशील स्थानों पर विशेष सुरक्षा प्रबंध किए जा रहे हैं। कुल मिलाकर, यह फ्लैग मार्च सिर्फ रूटीन अभ्यास नहीं, बल्कि कानून के प्रति जीरो टॉलरेंस और जनता के लिए सुरक्षा की गारंटी का स्पष्ट संदेश था।