अवैध रेत खनन पर प्रशासन की बड़ी कार्यवाई, 1 हजार ट्रॉली रेत को किया नष्ट
अवैध रेत खनन पर प्रशासन की बड़ी कार्यवाई, 1 हजार ट्रॉली रेत को किया नष्ट
अवैध रेत खनन का कारोबार जमकर फल फूल रहा है। इसी को लेकर अब प्रशासन की टीम ने एक बड़ी कार्यवाई को अंजाम देते हुए 1 हजार ट्रॉली से ज्यादा रेत को नष्ट किया गया है। जिसकी कीमत 30 लाख रूपये बताई जा रही है। वन विभाग की टीम ने पुलिस प्रशासन के सहयोग से 6 जेसीबी की मदद से एक हजार से भी ज्यादा ट्रॉली रेत को नष्ट कर दिया है। यह पूरा मामला एमपी के मुरैना जिले का है। जहां प्रशासन की ताबतोड़ कार्यवाई से हडकंप मच गया। बताया जा रहा है की चंबल नदी से हो रहे अवैध रेत खनन को रोकने कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने टास्क फोर्स की बैठक बुलाई, इसके अगले ही दिन बड़ी कार्यवाही को अंजाम दिया गया।
जानकारी के मुताबिक मुरैना जिले में चंबल नदी से रेत की एक भी वैध खदान नहीं है। बावजूद इसके एक दर्जन से ज्यादा ऐसे घाट हैं। जहां से अवैध रेत का कारोबार बड़े स्तर पर किया जाता है। इस बात की खबर कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ तक पहुंची तो बीते 2 फरवरी को टास्क फोर्स की बैठक बुलाकर चंबल नदी से हो रहे अवैध रेत को पूरी तरह बंद करने के सख्त निर्देश दिए गए। इसके बाद सुबह के समय वन विभाग और पुलिस प्रशासन समेत माइनिंग विभाग की टीम राजघाट पर पहुंची। जहां 6 जेसीबी की मदद से 1 हजार से ज्यादा ट्रॉली अवैध रेत जप्त करते हुए इसे नष्ट कर दिया गया। जिसकी कीमत 30 लाख से ज्यादा बताई जा रही है। इस कार्रवाई से रेत माफियाओ में हड़कंप मच गया।
जिस तरह से प्रशासन ने इस पूरी कार्यवाई को अंजाम दिया है। उसी तरह अगर लगातार कार्यवाई की गयी तो चंबल नदी में होने वाले अवैध रेत के खनन को रोका जा सकता है। मामले में राष्ट्रीय चंबल अभ्यारण के डीएफओ हरिश चन्द्र बघेल के मुताबिक चंबल नदी से अवैध रेत खनन की लगातार शिकायत मिल रही थी। जिस पर संयुक्त रूप से कार्यवाई की गयी है।--------